निर्धारित समयावधि में पूरी हों सभी परियोजनाएं —मुख्य सचिव


मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट माॅनिटरिंग गु्रप की बैठक आयोजित



बैठक में अमृत योजना, स्मार्ट सिटी मिशन, मेट्रो परियोजनाएं एवं यूपीसीडा की परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गयी

लखनऊ। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित प्रोजेक्ट माॅनिटरिंग गु्रप की बैठक में अमृत योजना, स्मार्ट सिटी मिशन, मेट्रो प्रोजेक्ट्स, ट्रांस गंगा सिटी उन्नाव, सरस्वती हाईटेक सिटी प्रयागराज, प्लास्टिक सिटी दिबियापुर, अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल काॅरीडोर परियोजना आदि की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गयी।  अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि सभी प्रोजेक्ट्स निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार पूरा किया जाये। उन्होंने कहा कि परियोजनावार एवं परियोजना के अन्तर्गत निष्पादित किये जाने वाले विभिन्न कार्यों के लिए माहवार भौतिक व वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किये जायें।

उन्होंने कहा कि आगामी समीक्षा बैठकों में माहवार निर्धारित भौतिक व वित्तीय प्रगति की समीक्षा की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रत्येक परियोजना की रिपोर्ट में कार्य प्रारंभ होने एवं कार्य पूरा होने की तिथि का उल्लेख प्रमुखता से एवं आवश्यक रूप से किया जाये।  अमृत योजना के क्रियान्वयन की प्रगति समीक्षा बैठक में बताया गया कि 260 परियोजनाओं में से 108 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं तथा 152 परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। जलापूर्ति की 77 परियोजनाएं एवं सीवरेज की 31 परियोजनाओं का काम पूरा हो गया है तथा जलापूर्ति की 86 एवं सीवरेज की 66 परियोजनाओं का काम दु्रत गति से चल रहा है। पूर्ण 108 परियोजनाओं पर 1523.92 करोड़ रुपये व्यय किये गये हैं तथा निर्माणाधीन 152 परियोजनाओं की कुल लागत रु0 9082.08 करोड़ है। बैठक में यह भी बताया गया कि माह फरवरी, 2021 में 11 तथा मार्च, 2021 में 17 का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। माह दिसम्बर, 2021 तक कुल 118 का भौतिक लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें अगले वित्तीय वर्ष के पहले त्रैमास में 36, दूसरे त्रैमास में 32 तथा तीसरे त्रैमास में 22 का लक्ष्य निर्धारित है। उक्त 118 परियोजनाओं में 68 जलापूर्ति तथा 50 सीवरेज के हैं तथा निर्धारित समय सारिणी के अनुसार पूरे कर लिये जायेंगे।

बैठक में यह भी बताया गया कि अयोध्या सीवरेज स्कीम फेज-1 की निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार जल निगम द्वारा 27 फरवरी, 2021 तक डीपीआर तैयार कर सब्मिट कर दी जायेगी। स्मार्ट सिटी मिशन की प्रगति समीक्षा में बताया गया कि योजनान्तर्गत रु0 9857.00 करोड़ की 476 परियोजनाओं में से 371 परियोजनाएं की डीपीआर लागत रु0 7704.00 करोड़ अनुमोदित की जा चुकी हैं। रु0 4732.00 करोड़ की 218 परियोजनाओं का कार्य दु्रत गति से चल रहा है तथा रु0 1023.00 करोड़ रु0 के 73 कार्य पूरे किये जा चुके हैं। स्मार्ट सिटी मिशन कार्यक्रम प्रदेश के 10 नगरों-लखनऊ, वाराणसी, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, अलीगढ़, झांसी, बरेली, सहारनपुर एवं मुरादाबाद में चल रहा है। लखनऊ की 43, वाराणसी 48, आगरा 19, कानपुर 40, प्रयागराज 81, अलीगढ़ 42, झांसी 63, बरेली 53, सहारनपुर 45 एवं मुरादाबाद में 42 कार्य स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें क्रमशः 34, 45, 19, 30, 53, 25, 23, 32, 21 व 16 कार्यों के कार्यादेश निर्गत किये जा चुके हैं। लखनऊ के 14 कार्य, वाराणसी के 16, आगरा के 09, कानपुर 05, प्रयागराज 15, अलीगढ़ 03, झांसी के 06, बरेली 2 व सहारनपुर के 03 कार्य पूरे किये जा चुके हैं तथा क्रमशः 20, 28, 10, 25, 48, 20, 13, 20, 18 व 6 कार्य प्र्रगति पर हैं।

मेट्रो प्रोजेक्ट्स की समीक्षा में बताया गया कि कानपुर एवं आगरा में मेट्रो का कार्य दु्रत गति से चल रहा है। कानपुर में आईआईटी कानपुर से मोतीझील तक 09 एलीवेटेड स्टेशन एवं डिपो कनेक्शन का 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है तथा शेष कार्य 31 अक्टूबर, 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। आगरा में मेट्रो हेतु 100 पाइल्स एवं 02 पाइल कैप्स का निर्माण पूरा किया जा चुका है।  बैठक में यूपीसीडा के प्रोजेक्ट्स ट्रांसगंगा सिटी उन्नाव, सरस्वती हाईटेक सिटी प्रयागराज, प्लास्टिक सिटी दिबियापुर, अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल काॅरीडोर आदि के कार्यों की भी समीक्षा की गयी। 

बैठक में अपर मुख्य सचिव, अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव, अरविन्द कुमार, अपर मुख्य सचिव डाॅ0 रजनीश दुबे सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से सीईओ ग्रेटर नोएडा व जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर भी उपस्थित थे।  



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