प्रदेश के कर्मचारियों की सेवा सम्बंधी समस्याओं के निपटारे के लिए 26 फरवरी से शुरू हो जाएगी विभागीय विवाद समाधान फोरम पर सुनवाई



न्यायमंत्री की अध्यक्षता में निर्णय

लखनऊ,। प्रदेश के कर्मचारियों की सेवा सम्बंधी समस्याओं के निपटारे के लिए वर्ष 2014 में बनाए गए विभागीय विवाद फोरम में सुनवाई 26 फरवरी से शुरू हो जाएगी। यह निर्णय आज प्रदेश के न्याय मंत्री बृजेश पाठक की अध्यक्षता में लिया गया। सचिवालय में मंत्री कक्ष में विभागीय विवाद समाधान फोरम को सक्रिय किये जाने को लेकर  न्याय मंत्री उ.्रप्र. श्री बृजेश पाठक की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में शासन के लगभग 20 विभागों के आला अफसर और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारी शामिल हुए। न्याय मंत्री ने फोरम को सक्रिय किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया। ऐसे कर्मचारी जिसने अपने सेवा सम्बंधी मामलों को लेकर माननीय न्यायालय अथवा अभिकरण में वाद दाखिल कर रखा है और उस पर निर्णय नही हो पा रहा है। उन प्रकरणों को ‘‘ फोरम ’’ में लाकर आपसी सुलह समझौते के आधार पर प्राथमिकता देते हए हल किया जायेगा। इससे जहाॅ मा. न्यायालयों/ अभिकरणों का बहुमूल्य समय बचेगा, शासन के अधिकारियेां का समय व धन बचेगा वही प्रभावित कर्मचारियों को शीघ्र न्याय मिलेगा।

न्यायमंत्री श्री बृजेश पाठक की अध्यक्षता में सम्पन्न इस बैठक में प्रमुख सचिव न्याय दिनेश कुमार ंिसह द्धितीय, जे.पी. सिंह अपर विधि परामर्शी, आलोक कुमार, सचिव नेडा, जितेन्द्र कुमा, प्रमुख सचिव के अलावा खेल, नगर विकास, मत्स्य, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, औद्योगिक विकास,ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, राजस्व परिषद, पिछड़ा वर्ग कल्याण, लघु सिंचाई, प्रशासनिक सुधार, परती भूमि सुधार के अधिकारियों के साथ कर्मचारी संगठन की ओर से हरिकिशोर तिवारी अध्यक्ष, शिवबरन सिंह यादव महामंत्री, संजीव गुप्ता संगठन मंत्री एवं राम नगीना सिंह आदि उपस्थित रहे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि न्याय मंत्री बृजेश पाठक की अध्यक्षता में अगली बैठक् 26 फरवरी को पुनः होगी और दो सप्ताह के अन्दर आए प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। विभागीय विवाद समाधान फोरम के सक्रिय होने से कर्मचारियों के सेवा सम्बंधी समस्याओं का समाधान शासन स्तर पर हो जाने से समय व धन की बचत होगी। चूकि प्रकरण आपसी सुलह समझौते के आधार पर होगा इसलिए प्रकरण पर आगे विवाद होने की सम्भावना कम होगी। इस हेतु सभी विभागों के प्रमुख सचिव/ विभागाध्यक्षों को प्रमुख सचिव न्याय की तरफ से पुनः पत्र लिखकर सम्बंधित प्रकरणों को विभागवार मंगाने के लिए तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिये गए है। संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रदेश के सभी कार्मियों से भी अपील की है कि ऐसे प्रकरणों को सम्बंधित प्रोफार्मे में एक प्रति प्रमुख सचिव न्याय तथ एक प्रति राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद को तत्काल उपलब्ध करा दे ताकि अगली बैठक में निर्णय लेकर इस महत्वपूर्ण योजना की शुरूआत की जा सके।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Scroll To Top