मायावती-अखिलेशऔर अजीत सिंह की पहली संयुक्त चुनावी रैली 7 अप्रैल को देवबंद में


लखनऊ |
       उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल की संयुक्त चुनाव रैलियां चरणबद्ध तरीके से होली बाद शुरू हो जाएंगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से इन संयुक्त रैलियों की शुरूआत नवरात्र के पवित्र दिनों में होगी। पहली संयुक्त रैली सात अप्रैल 2019 को देवबंद में होगी जिसको बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष सुश्री मायावती, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव एवं राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष श्री अजीत सिंह सम्बोधित करेंगे। इस तरह की रैलियां पूरे सूबे में होंगी जिसमें गठबंधन के नेता संयुक्त रूप से मंच साझा करेंगे।
 उक्त जानकारी देते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि भाजपा राज में जीएसटी, नोटबंदी के चलते कुटीर उद्योगधंधे बंद हो गए है। बड़ी संख्या में नौजवान बेरोजगार हो गए हैं। उनका भविष्य अंधकारमय है। किसान बदहाली की जिंदगी जी रहा है। उसको फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। गन्ना किसान बकाये की आस में सांसे गिन रहा है। कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही हैं। महिलाएं असुरक्षा की शिकार हैं।
  विडम्बना है कि भाजपा का किसानों और खेती से ज्यादा ताल्लुक नहीं रहा फिर भी वे गांवों की बात करते है। श्री अखिलेश यादव की पृष्ठभूमि ग्रामीण है। जबकि भाजपाईयों का कोई सम्बंध-सम्पर्क गांवों से नहीं रहा है। भाजपा के एजेण्डा में कभी खेत और किसान भी नहीं रहा है। भाजपा राज में कृषि क्षेत्र में कोई निवेश भी नहीं हुआ है। समाजवादी सरकार में 75 प्रतिशत बजट गांव-खेती और किसान को आवंटित था। भाजपा ने कृषि की पूर्णतया उपेक्षा की तभी भाजपा के राज में 50 हजार से ज्यादा किसानों को आत्महत्या करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के गठबंधन से राजनीति में एक नई लहर पैदा हुई है। श्री अखिलश यादव का मानना है कि विचारधारा पर आधारित इस गठबंधन के प्रति जनता में बढ़ते रूझान से भाजपा खेमें में घबराहट और बौखलाहट है। इससे भाजपा नेता सन्निपात की हालत में आकर विपक्ष के खिलाफ ऊल-जुलूल टिप्पणियां कर रहे हैं। लेकिन जनता अब उनके बहकावे में आनेवाली नही है। उसे भाजपा का पूरा चरित्र मालूम हो गया है इसलिए अब 2019 के चुनावों में नया प्रधानमंत्री और नई सरकार चुनने के दृढ़ संकल्प से मतदाता को कोई भी ताकत डिगा नहीं सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Scroll To Top