MP: कक्कड़ के करीबी अश्विन शर्मा के घर पर IT की रेड, CRPF और पुलिस में कहासुनी


 

भोपाल |  कोलकाता में छापे के दौरान राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसी के बीच बहुचर्चित टकराव के करीब 2 महीने बाद अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ऐसा ही मंजर दिखा है। फर्क सिर्फ इतना है उस बार पश्चिम बंगाल पुलिस और सीबीआई आमने-सामने थीं तो इस बार मध्य प्रदेश पुलिस और CRPF में नोक-झोंक हुई है। भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा स्थित एक घर के भीतर इनकम टैक्स की छापेमारी चल रही थी और बाहर एमपी पुलिस और सीआरपीएफ के बीच गंभीर टकराव की नौबत आ गई। सीआरपीएफ ने जहां एमपी पुलिस पर गाली देने और काम में बाधा डालने का आरोप लगाया है, वहीं एमपी पुलिस ने केंद्रीय बल पर आम लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ के करीबी कारोबारी अश्विन शर्मा के घर पर रविवार शाम को आयकर विभाग की रेड के दौरान बिल्डिंग के बाहर सीआरपीएफ के जवानों और मध्य प्रदेश पुलिस में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सीआरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि सूबे की पुलिस उनके काम में रुकावट डाल रही है। इससे पहले, इसी साल फरवरी के शुरुआती हफ्ते में कोलकाता में पुलिस ने शहर के तत्कालीन कमिश्नर राजीव कुमार से सारदा स्कैम के सिलसिले में पूछताछ के लिए पहुंची सीबीआई की टीम को बंधक बना लिया था। कई घंटों बाद उन्हें छोड़ा गया। इस टकराव ने केंद्र बनाम राज्य का रूप ले लिया था। यहां तक कि खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने पुलिस अफसर के समर्थन में धरने पर बैठ गई थीं।

भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा में स्थित अश्विन के घर पर सीआरपीएफ के साथ आयकर विभाग की टीम छापेमारी करने पहुंची थी। इस दौरान वहां मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकारी भी पहुंच गए और बिल्डिंग के अंदर जाने की कोशिश करने लगे लेकिन सीआरपीएफ अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्हें आयकर विभाग की रेड से कोई लेना-देना नहीं है। भोपाल के एसपी सिटी भूपिंदर सिंह ने कहा, ‘हमें आयकर विभाग की रेड से कोई लेना-देना नहीं है, यह एक आवासीय बिल्डिंग है, अंदर कुछ लोग बीमार हैं और उन्होंने ही स्थानीय एसएचओ को फोन करके मदद के लिए यहां बुलाया है। रेड से पहले सीआरपीएफ ने पूरी बिल्डिंग को बंद कर दिया था।’

वहीं दूसरी ओर सीआरपीएफ के अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा, ‘मध्य प्रदेश पुलिस हमें अपना काम नहीं करने दे रही है। पुलिस के अधिकारी हमें गालियां दे रहे हैं। हम सिर्फ अपने सीनियर अधिकारियों के आदेश का पालन कर रहे हैं। कार्रवाई जारी है, इसलिए हम किसी को भी अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। हम सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।’


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