अब अखिलेश गुट ने भी चुनाव चिन्ह पर ठोका दावा, चुनाव आयोग से मिले रामगोपाल यादव


 

 

akhilesh-mulayam

 

नई दिल्‍ली : समाजवादी पार्टी में अब चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ पर कब्जे को लेकर जंग शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी में वर्चस्‍व की जंग उस वक्‍त चुनाव आयोग की चौखट पर पहुंच गई, जब मुलायम सिंह यादव ने दिल्ली में आयोग के समक्ष पार्टी के चुनाव निशान साइकिल पर अपना दावा ठोंका। दो फाड़ हो चुकी पार्टी में अब लड़ाई इस बात को लेकर है कि आखिर ‘साइकिल’ की सवारी कौन करेगा। पिता मुलायम और बेटे अखिलेश गुट दोनों ही साइकिल चुनाव चिन्ह पर दावा जता रहे हैं। दोनों ही गुट साइकिल पर अपनी दावेदारी को लेकर चुनाव आयोग तक पहुंच गए हैं।

जानकारी के अनुसार, अखिलेश की टीम ने मंगलवार को चुनाव आयोग से मिलकर साइकिल चुनाव चिन्‍ह पर दावा ठोका। आज अखिलेश खेमे से रामगोपाल यादव चुनाव आयोग में साइकिल के लिए दावा ठोकने के लिए दिल्‍ली में आयोग के मुख्‍यालय पहुंचे। चुनाव आयोग से मुलाकात के दौरान रामगोपाल यादव ने कहा कि अखिलेश के नेतृत्‍व वाली पार्टी को ही समाजवादी पार्टी माना जाए। रामगोपाल ने चुनाव आयोग को बताया कि 90 फीसदी विधायक अखिलेश के सा‍थ हैं।

समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बीच पार्टी सिंबल ‘साइकिल’ को लेकर मुलायम सिंह यादव ने चुनाव आयोग से सोमवार को मुलाकात की थी। सूत्रों के अनुसार आयोग ने कहा कि इस विवाद को लेकर चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश-1968 के पैरा 15 का अनुसरण करेगा जो आयोग को मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के अलग हो गए समूहों या विरोधी समूहों के संदर्भ में फैसला करने का अधिकार देता है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों को चुनाव निशान पर दावा करना होगा नहीं तो आयोग को कैसे पता चलेगा कि कोई विवाद है। हम मीडिया की खबरों के जरिए आगे नहीं बढ़ते। साइकिल चुनाव निशान पर रोक लगाई जाती है तो आयोग दोनों पक्षों से नई पार्टी का नाम और चुनाव निशान तय करने के लिए कह सकता है। चुनाव चिह्न पर फैसला देने में चुनाव आयोग को वक्त लग सकता है, ऐसे में आयोग संभवत: साइकिल चुनाव चिह्न को जब्त करते हुए दोनों धड़े को दो अलग-अलग चुनाव चिह्न आवंटित कर सकता है।

समाजवादी पार्टी में अब झगड़ा केवल इस बात पर हो रहा है कि पार्टी और चुनाव चिंह्न पर किस गुट का कब्जा होगा? मुलायम सिंह और अखिलेश यादव दोनों खुद को समाजवादी पार्टी का असली अध्यक्ष बता रहे हैं। ऐसे में अब सबकी नजर चुनाव आयोग पर टिकी है जिसे इस मामले में आखिरी फैसला करना है। सूत्रों के अनुसार,
‘साइकिल’ चुनाव चिन्‍ह को फ्रिज किया जा सकता है। मुलायम और अखिलेश को आयोग की तरफ से अगल चुनाव चिन्‍ह दिया जा सकता है। बता दें कि मुलायम ने कल साइकिल चुनाव चिन्‍ह पर दावा किया था। पिता और पुत्र के बीच राजनीतिक घमासान में साइकिल की सवारी किसके पास रहती है इस पर चुनाव आयोग के फैसले आने तक सबको इंतजार रहेगा।

 


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