प्रधानमंत्री ने ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर तथा केन्द्रीय परिचालन नियंत्रण केन्द्र, प्रयागराज का उद्घाटन किया


आज का दिन भारतीय रेल के गौरवशाली अतीत को 21वीं सदी में नयी पहचान दिलाने तथा भारत व भारतीय रेल का सामथ्र्य बढ़ाने वाला: प्रधानमंत्री

लखनऊ | प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर के 351 किलोमीटर लम्बाई के न्यू खुर्जा से न्यू भाउपुर खण्ड तथा केन्द्रीय परिचालन नियंत्रण केन्द्र, प्रयागराज का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झण्डी दिखाकर खुर्जा एवं भाउपुर रेलवे स्टेशनों से मालगाड़ियों को रवाना किया। प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

प्रधानमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का दिन भारतीय रेल के गौरवशाली अतीत को 21वीं सदी में नयी पहचान दिलाने तथा भारत व भारतीय रेल का सामथ्र्य बढ़ाने वाला है। खुर्जा और भाउपुर से पहली मालगाड़ी के संचालन के साथ ही नये और आत्मनिर्भर भारत की गूंज और गर्जना सुनायी दी है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय परिचालन नियंत्रण केन्द्र, प्रयागराज भी नये भारत के नये सामथ्र्य का प्रतीक है। यह दुनिया का बेहतरीन और अत्याधुनिक रेल परिचालन केन्द्र है। गर्व की बात है कि इस सेण्टर की मैनेजमेंट और डाटा सम्बन्धी तकनीक भारत में ही तैयार की गयी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर किसी भी राष्ट्र की सामथ्र्य का सबसे बड़ा स्रोत है। इसमें भी कनेक्टिविटी राष्ट्र की नसें और नाड़ियां हैं। यह नसें जितनी मजबूत होंगी, राष्ट्र भी उतना ही सामथ्र्यवान होगा। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की राह पर अग्रसर है। ऐसे में बेहतरीन कनेक्टिविटी देश की प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ विगत 06 वर्षाें में आधुनिक कनेक्टिविटी के हर पहलू पर फोकस के साथ कार्य किया गया है। इसलिए आर्थिक रफ्तार के जरूरी 05 पहियों, हाई-वे, रेलवे, एयर-वे, वाटर-वे एवं आई-वे को गति दी जा रही है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर का उद्घाटन कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक कदम है। सरल भाषा में डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर मालगाड़ियों के लिए बनाये गये विशेष ट्रैक हैं। उन्होंने कहा कि खेती, उद्योग, बाजार आदि सभी आर्थिक-व्यावसायिक के लिए माल ढुलाई जरूरी है। रेल इसका सबसे बड़ा माध्यम रही है। अर्थव्यवस्था के विकास के साथ ही माल ढुलाई पर दबाव बढ़ा। हमारे देश में मालगाड़ियां व यात्री टेªनें एक ही पटरी पर संचालित होती हैं। इससे दोनों ही तरह की रेलगाड़ियांे की गति कम हो जाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर हर एक के लिए अवसर लेकर आये हैं। विशेषकर पूर्वी भारत को नयी ऊर्जा देने वाला है। इस परियोजना का लगभग 60 प्रतिशत भाग उत्तर प्रदेश में है। इसलिए उत्तर प्रदेश के हर छोटे-बड़े उद्योग को लाभ होगा। देश-विदेश के उद्योगों में जिस प्रकार उत्तर प्रदेश के लिए आकर्षण बीते वर्षाें में पैदा हुआ है, वह और अधिक बढ़ेगा। इन डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर का लाभ किसान रेल को भी होने वाला है। कल ही देश में 100वीं किसान रेल की शुरुआत की गयी है। किसान रेल से खेती की उपज को देश के बड़े-बड़े बाजारों में पहुंचाना सम्भव हुआ है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि नये फ्रेट काॅरिडोर में किसान रेल और भी तेजी से अपने गंतव्य पर पहुंचेगी। उत्तर प्रदेश में भी किसान रेल से अनेक स्टेशन जुड़ चुके हैं। इनमें लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। उत्तर प्रदेश के रेलवे स्टेशनांे के पास भण्डारण और कोल्ड स्टोरेज की क्षमता बढ़ायी जा रही है। उत्तर प्रदेश के 45 माल गोदामों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया गया है। इसके अलावा, राज्य में 08 नये गुड्स शेड भी बनाये गये हैं। वाराणसी और गाजीपुर में 02 बड़े पेरिशबल कारगो सेण्टर पहले ही किसानों को सेवा दे रहे हैं। इनमें किसान फल, सब्जियां जैसी जल्दी खराब होने वाली उपज स्टोर कर सकते हैं।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे विकास की जीवनरेखा है। देश व प्रदेश की प्रगति में इसका योगदान सर्वविदित है। प्रधानमंत्री जी द्वारा आज ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर के न्यू खुर्जा से न्यू भाउपुर खण्ड का उद्घाटन प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए उपहार है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारतीय रेल के परिचालन में एक विशिष्ट स्थान रखता है। 04 क्षेत्रीय रेलों द्वारा सेवित हमारे प्रदेश में रायबरेली स्थित मॉर्डन कोच फैक्ट्री एवं वाराणसी स्थित डीजल लोकोमोटिव वक्र्स प्रोडक्शन यूनिट्स भी हैं। उत्तर प्रदेश में त्वरित परिवहन तथा विकास में भारतीय रेल का महत्वपूर्ण योगदान है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की व्यक्तिगत रुचि एवं लगातार प्रेरणा और प्रोत्साहन से डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर परियोजना पर वर्ष 2014 के पश्चात 45,600 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि व्यय हुई है। ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर के 351 किलोमीटर लम्बाई के खुर्जा से भाउपुर रेलखण्ड का शुभारभ ‘मेक इन इण्डिया’ का उदाहरण है। प्रयागराज में स्थापित किया गया परिचालन नियंत्रण केन्द्र विश्व के आधुनिकतम परिचालन केन्द्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि 81,500 करोड़ रुपये लागत की दोनों डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर परियोजनाएं देश में विकास का परिवहन करेंगी। डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर पर केवल मालगाड़ियां चलेंगी। इससे देश के उत्पादों को आसानी से पोर्ट तक पहुंचाया जा सकेगा। मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों तक कच्चे माल एवं कृषकों के उत्पाद के परिवहन में भी तेजी आएगी।


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