फायर स्टेशन के भूखंड परिवर्तन की लेकर बुलाई गई आपत्ति की सुनवाई में सचिव एलडीए के सामने आपस मे भिड़े आपत्तिकर्ता


लखनऊ – ट्रांसपोर्ट नगर में फायर स्टेशन के लिए आरक्षित भूखंड को पेट्रोल पम्प में परिवर्तन करने के संबंध सचिव एलडीए ने पिछले दिनों आपत्ति आमंत्रित किये थे। मामले में आज सुनवाई थी जिसमे कुल 8 आपत्तियां आयी थी जिसमे कुछ आपत्तिकर्ता तो आये ही बाकी जो आये उनमें भी लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे, लखनऊ गुड्स ट्रांसपोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव हरप्रीत भाटिया एवं समाजसेवी भूपेश चंद्र मिश्रा ही फायर स्टेशन की जमीन का पेट्रोल पम्प में परिवर्तन करने का विरोध कर रहे है ।

लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने बताया कि बैठक में इस तरह आरोप प्रत्यारोपण का विरोध चल रहा था जिससे वास्तविक आपत्तिकर्ता दस्त में थे। पहली बार ऐसा प्रतीत हो रहा था कि आपत्ति में समर्थम ज्यादा है। दरसल ट्रान्सपोर्ट नगर योजना अन्तर्गत 24.0 मी . चौडे एवं 18.0 मी . चौडे मार्ग के जंक्शन के दक्षिण – पूर्व दिशा में तथा टेलीफोन एक्सचेंज एंव बैंक के सन्निकट भूखण्ड है जो स्थान मानचित्र में फायर स्टेशन हेतु आरक्षित है जिसको पेट्रोल पम्प में परिवर्तन करने के संबंध में सचिव महोदय द्वारा सूचना प्रकाशन की गयी है । उमाशंकर दुबे ने कहा ट्रांसपोर्ट नगर में फायर स्टेशन के लिए जो जगह आरक्षित है वह उस समय सोसायटी विकास को देखकर किया गया था , वर्तमान में जिसे एलडीए पेट्रोलपंप बनाने की योजना बना रहा है वहां पेट्रोल पंप की आवश्यकता नही है क्योकि इस क्षेत्र में पहले से ही 4 से 5 पेट्रोल पंप मौजूद है जबकिं ट्रांसपोर्ट नगर घनी आबादी का क्षेत्र है , यहां आस पास दर्जनो अपार्टमेंट , कार्यालय , मेट्रो स्टेशन के साथ साथ अन्य प्रतिष्ठान है जहां फायर स्टेशन बनना बहुत जरूरी है ।

दुबे ने यहां तक सुझाव दिए कि यदि इन्हें पेट्रोपम्प पम्प देना जरूरी हो तो गोमती नगर विस्तार सहित कई अन्य योजनाओं में पेट्रोपम्प की जगह प्राधिकरण ने पहले ही चयनित किये है वहा दे दिया जाय लेकिन जनता की जरूरी सुविधाओं को काट कर पेट्रोपम्प पम्प देना उचित नही है।
बैठक में ट्रांसपोर्ट नगर से आये आपत्तिकर्ता आपस मे आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे माहौल की गंभीरता को देख उमाशंकर दुबे सचिव से आपत्ति की जिसपर सचिव के हस्तक्षेप के बाद माहौल को शांत कराया जा सका। उमाशंकर दुबे ने कहा आपत्तिकर्ता में कोई पेट्रोपम्प मांग रहा था तो कोई उक्त जमीन को ट्रांसपोर्टर को देने की मांग कर रहा था असली मुद्दा था कि फायर स्टेशन की जमीन का भूमि परिवर्तन किया जाय कि नही इसके विरोध में लखनऊ जनकल्याण महासमिति शुरुआत से अपने सुझाव पर अड़ी रही।


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