किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें तकनीक से जोड़ना आवश्यक है: केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह


मुख्यमंत्री ने महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केन्द्र 
के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया 

लखनऊ |    भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह  तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केन्द्र चैक माफी (पीपीगंज) के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण तथा दो दिवसीय पूर्वांचल किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में विभिन्न प्रान्तों/जनपदों के सम्बन्धित विभागों के लगभग 100 स्टाल लगाए गए हैं।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह  ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें तकनीक से जोड़ना आवश्यक है। इस उद्देश्य की पूर्ति में कृषि विज्ञान केन्द्र बड़ी भूमिका निभा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों को कृषि सम्बन्धी सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से अपेक्षा की कि वे टीम बनाकर गांव को गोद लें और किसानों को कृषि की नई तकनीक के बारे में बतायें।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। मृदा परीक्षण कराने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहता है, उसी प्रकार अच्छी उपज के लिए मृदा परीक्षण भी आवश्यक है। मृदा परीक्षण हेतु लैब की स्थापना की गयी है। किसानों को आय बढ़ाने हेतु नई तकनीक पशुपालन, वानिकी, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन के प्रति रुचि लेनी होगी। उन्होंने कहा कि मिश्रित खेती आज की आवश्यकता है। इसके लिए राज्यों को फण्ड भी उपलब्ध कराया गया है। कृषि विज्ञान केन्द्र उन्नत फसल के लिए एक या दो एकड़ में ऐसे माॅडल तैयार करे, जिसे देखकर किसान प्रोत्साहित हो सकंे।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि किसानों की उन्नति से ही देश व प्रदेश का विकास किया जा सकता है। वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के संकल्प को साकार रूप देने के उद्देश्य से आज कृषि विज्ञान केन्द्रों को संचालित किया गया है। इन केन्द्रों के माध्यम से किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है, जिससे उनका जीवन खुशहाल होगा। कृषि उत्पादन में सतत वृद्धि हेतु नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों तथा अन्य जानकारी से किसानों को नियमित आधार पर अवगत कराना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के जीवन मे आमूल-चूल परिवर्तन लाने के उद्देश्य से 2 वर्ष पूर्व कृषि विज्ञान केन्द्र की आधारशिला रखी गयी थी, जिसके प्रशासनिक भवन का लोकार्पण आज हुआ है। उन्होंने किसानांे को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने में कृषि विज्ञान केन्द्र एक सशक्त माध्यम है। शासन की योजनाओं का लाभ किसानों को मिले और उन्हें तकनीकी जानकारी प्राप्त हो इस उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश को 20 नये कृषि विज्ञान केन्द्र दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र कम से कम दो-दो गांव को गोद लेकर कृषकों को प्रशिक्षित करें, निश्चित रूप इससे किसानों में तकनीकी कृषि की जानकारी बढ़ेगी और उनका उन्नयन होगा। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाओं को सही मायने में आत्मसात करने की आवश्यकता है। वर्तमान सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य के माध्यम से उचित मूल्य दिलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री  ने इस अवसर पर ‘महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केन्द्र एक नजर में’ तथा ‘गोरखनाथ कृषि दर्पण’ पत्रिका का विमोचन तथा कृषि विज्ञान केन्द्र की वेबसाइट भी लांच की। उन्होंने 05-05 किसानों को मृदा परीक्षण कार्ड तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी प्रदान किए।
प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता खेती एवं किसान है। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा जो प्रोजेक्ट संचालित होंगे वह किसानों की आय व उत्पादकता बढ़ाने में सहायक होगा।
इस अवसर पर विधायक श्री फतेह बहादुर सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, वैज्ञानिकगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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