विज्ञान के प्रयोग से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए जाने के साथ ही मानव जीवन के पथ को सुगम बनाया जा सकता है: मुख्यमंत्री


मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर आई0आई0टी0 
बी0एच0यू0 के शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया
लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विज्ञान के प्रयोग से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए जाने के साथ ही मानव जीवन के पथ को सुगम बनाया जा सकता है। विज्ञान मानव जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग काॅरिडोर का शिलान्यास आगामी 15 फरवरी, 2019 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  द्वारा झांसी में किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन योजना के अन्तर्गत गत साढ़़े चार वर्षों में 9.5 करोड़ परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराए गये। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में उत्तर प्रदेश में 16 लाख स्ट्रीट लाइटंे थी। इसमें हैलोजन बल्ब जलते थेे। जिसके कारण ऊर्जा की भारी खपत होने के साथ ही, राजस्व पर भी भारी व्यय होता था। वर्तमान सरकार ने हैलोजन लाइट को हटाकर एल0ई0डी0 बल्ब लगाए जाने का निर्णय लिया। अब तक 8 लाख स्ट्रीट लाइटें बदली जा चुकी हैं, जिससे 250 करोड़ रुपए की सालाना राजस्व बचत हुई है।
मुख्यमंत्री  आज वाराणसी में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में आयोजित आई0आई0टी0 बी0एच0यू0 के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि वर्ष 2022 में देश जब आजादी के 75 वर्ष पूरा कर रहा होगा, उसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  ने लोगों के सामने एक विजन रखा है। प्रधानमंत्री  का विजन है कि तब भारत किस रूप में होगा। एक व्यक्ति देश मंे कैसे परिवर्तन ला सकता है, यह देखंे। स्कूल में स्वच्छता की बात बचपन में बताई जाती थी, लेकिन ये भाव परिवार और विद्यालयांे ने भुला दिया। प्रधानमंत्री जी ने इसको जन-जन तक पहुँचाया। मुख्यमंत्री जी ने बताया कि पिछले 40 वर्षों में गोरखपुर क्षेत्र में अगस्त के एक महीने में एक बीमारी से प्रतिवर्ष 700-800 बच्चों की मौत इंसेफलाइटिस से होती थी। वर्तमान सरकार बनने के बाद मैनें इस बीमारी की तह तक जाने और इसके निवारण की तैयारी की, तब पता चला कि प्रभवित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल और स्वच्छता की कमी थी। इसके निवारण के लिए लगातार अभियान चला और इसका परिणाम रहा कि वर्ष 2017 से अभियान शुरू होने के बाद 1 वर्ष में ही रिजल्ट सामने था। 1978 से मौतों का सिलसिला जारी था, लेकिन सरकार के प्रयास से एक साल में ही 2018 में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में केवल 86 मरीज भर्ती हुए और सिर्फ 6 मौतें हुई।
मुख्यमंत्री  ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि गंगा एवं प्रयागराज में इस समय जो गंगा जल है वो आजादी के बाद का सबसे स्वच्छ जल है। हमने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर इसे साफ किया। आज तकनीक महंगी है और इसको कैसे जनसुलभ बनाया जाये यह जरूरी है। उन्होंने भविष्य के प्रति लोगांे को सचेत करते हुए कहा कि जल है तो कल है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि काशी में काशी की पहचान बाबा विश्वनाथ के रूप में है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विश्वनाथ कॉरिडोर का काम चल रहा है। वर्ष 1916 में काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद बापू ने गलियों में गंदगी की बात कही थी, लेकिन किसी ने गंदगी और गांधी जी की बात पर ध्यान नहीं दिया। पहले मंदिर जाने का 5 फिट रास्ता था आज 50 फिट का रास्ता है। घरों में छिपे 41 मंदिर अब तक सामने आए है। कुछ समय बाद यह कार्य काशी को नई पहचान देगा।
हम इस दृष्टिकोण को सामने रखंे कि 100 वर्ष जो आने वाला है, उसमें हम देश को क्या देंगे। महामना मदन मोहन मालवीय जी ने देश को बी0एच0यू0 देकर उपकार किया और भारत सरकार ने उनको ‘भारत रत्न’ देकर उनको सम्मान दिया। जो काम बहुत पहले होना चहिये था, लेकिन किसी की सोच नहीं थी। वर्तमान केंद्र सरकार ने इस दिशा में सोचा और महामना को सम्मान दिया। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री  ने दीप प्रज्वलित कर आई0आई0टी0 बी0एच0यू0 के शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने शताब्दी वर्ष स्मारिका का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर सूचना राज्य मंत्री डॉ0 नीलकंठ तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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