मुख्यमंत्री योगी ने ‘इन्वेस्ट यूपी’ के नवीन कार्यालय का उद्घाटन किया और कहा कि हमारी सरकार ने निवेशक फ्रेंडली अप्रोच अपनाई है



• निवेशकों को औद्योगिक नीति 2022 व 2017 तथा खाद्य प्रसंस्करण नीति 2023 के अंतर्गत प्रोत्साहन-लाभ स्वीकृति-पत्रों का वितरण किया गया।

लखनऊ | “हमारी सरकार ने निवेशक फ्रेंडली अप्रोच अपनाई है, जिसमें व्यापार हेतु आवश्यक सुरक्षित एवं सुगम वातावरण को प्राथमिकता दी गई है।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राज्य की निवेश प्रोत्साहन एवं सुविधा हेतु गठित एजेंसी – इन्वेस्ट यूपी के पिकप भवन, लखनऊ स्थित नवीन कार्यालय के उद्घाटन समारोह के अवसर पर कहा।
उन्होंने कहा कि निवेशकों के हितों की सुरक्षा की गारंटी उत्तर प्रदेश शासन की मंशा है। इसके लिए सरकार ने बड़े रिफॉर्म किए हैं, जिससे राज्य में व्यापार करना सुगम बन सके। इस प्रतिबद्धता का लक्ष्य निवेशकों के मध्य विश्वास एवं भरोसे की भावना विकसित करना है, जिससे वे प्रदेश में नवीन निवेश के अवसरों के प्रति आकर्षित हों। पहले इन्वेस्टमेंट एनसीआर तक सीमित था, लेकिन इस वर्ष आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में प्रदेश के सभी 75 जनपदों में निवेश परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ। इस निवेशक फ्रेंडली परिदृश्य में प्रदेश सरकार निवेश प्रक्रिया को सुगम बनाने, ब्यूरोक्रेटिक समस्याओं को कम करने तथा व्यवसाय संचालन को सुविधाजनक बनाने हेतु एक नियामक ढांचा बना रही है। निवेश-सरकार के मध्य समन्वय बढ़ने से प्रदेश की जनता एवं बिजनेस कम्यूनिटी लाभान्वित होंगी।
इससे मंत्री, औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन, श्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में उभरा है। उत्तर प्रदेश की चुस्त-दुरुस्त कानून व्यवस्था प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने की ब्रांड एंबेसेडर बन चुकी है। इन्वेस्ट यूपी उत्तर प्रदेश में निवेशकों व उद्यमियों के सरोकार का ध्यान रखने तथा निवेश हेतु आवश्यक सुविधाएं व मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए उद्देशित है। निवेशकों से संवाद स्थापित करने एवं निवेश को समयबद्ध ढंग से धरातल पर साकार करने में इन्वेस्ट यूपी की भूमिका सराहनीय है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 व 2017 के अंतर्गत निवेशकों को लेटर ऑफ कम्फर्ट का वितरण किया। साथ ही ‘उद्यमी मित्र’ पुस्तिका का विमोचन किया गया।
औद्योगिक नीति 2022 के अंतर्गत जिन निवेशकों को लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किए गए, उनमें एलियान्ज डिस्टिलरी (मथुरा) के निदेशक संजय सान्गवान तथा वरुण बेवरेजेज (इनके बॉटलिंग संयंत्र गोरखपुर, चित्रकूट, अमेठी व प्रयागराज में स्थापित हैं) के मार्केटिंग मैनजर नील कमल सम्मिलित हैं।
औद्योगिक नीति 2017 के अंतर्गत बिकानेरवाला फूड्स प्रा.लि. (गौतमबुद्ध नगर) के प्रबंध निदेशक श्री श्याम सुंदर अग्रवाल, एवरी डेनिसन (इंडिया) प्रा.लि. (गौतमबुद्ध नगर) के निदेशक श्री हेमंत तिवारी, स्पर्श इंडस्ट्रीज (कानपुर देहात) के चेयरमैन श्री विजय कुमार अग्रवाल, राजश्री फाइन कैमिकल्स इंडस्ट्रीज प्रा.लि. (शाहजहांपुर) के प्रबंध निदेशक श्री रिषभ बंसल, बृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज (मथुरा) के सीनियर मैनेजर-कमर्शियल श्री अंजुल शर्मा तथा अल्ट्राटेक सीमेंट (सोनभद्र) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री विनीत भटनागर को लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किए गए।
खाद्य प्रसंस्करण नीति 2023 के अंतर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फॉर्च्यून राइस लि (अलीगढ़ व गौतमबुद्ध नगर), एसपीकेएन इंडस्ट्रीज प्रा.लि. (शाहजहांपुर), फ्रोस्टार फूड प्रा. लि. (मुरादाबाद), श्री बांके बिहारी फूड्स (संभल), गजानन एग्रो फूड्स प्रा.लि. (लखनऊ), वेदांत एग्री प्रमोशन्स प्रा. लि. (संभल), मित्तल ड्राय फ्रूट्स प्रा.लि. (बिजनौर), विदुरभूमि एग्री (बिजनौर), भारतीयम फूड्स (लखनऊ) तथा कृष्णा एरोमैटिक्स (संभल) सहित 10 निवेशकों को प्रोत्साहन लाभ स्वीकृति आदेश वितरित किए।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश तथा इन्वेस्ट यूपी की प्रगति यात्रा को दर्शाती एक शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई। फिल्म में विगत सात वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी निर्देशन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट नेतृत्व में हुए उत्तर प्रदेश के रूपांतरण को प्रदर्शित किया गया। प्रदेश को वैश्विक निवेश हब में परिवर्तित करने में सुदृढ़ कानून एवं व्यवस्था, सुशासन, अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, औद्योगीकरण तथा 25 से अधिक समर्पित क्षेत्रीय नीतियां की भूमिका महत्वपूर्ण रही। निवेश-अनुकूल क्षेत्र बनने के मापदंड जैसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफ्रेंट स्टेट्स (लीड्स-2023) रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ‘अचीवर स्टेट’ बना। प्रदेश की ऐसी ही प्रमुख उपलब्धियों को सिनेमेटिक प्रस्तुति में प्रदर्शित किया गया।
प्रमुख उद्योगपतियों में श्रीमती स्मिता अग्रवाल, प्रमुख वित्त अधिकारी पीटीसी इंडस्ट्रीज (लखनऊ) तथा श्री मनोज गुप्ता, चेयरमैन एमकेयू लिमिटेड (कानपुर) अवसर पर उपस्थित रहे। अंकुर उद्योग के निदेशक निखिल जालान (गोरखपुर) और केंट आर.ओ. लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. महेश गुप्ता (नोएडा) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में तेजी से सुधरते व्यापारिक परिवेश पर अपने विचार व अनुभव साझा किये।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री जी द्वारा पिकप भवन के भूतल स्थित यूपीडास्प के नवीनीकृत कार्यालय के उद्घाटन उपरांत अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त व कृषि उत्पादन आयुक्त, श्री मनोज कुमार सिंह जी ने उत्तर प्रदेश विविध कृषि सहयोग परियोजना की प्रदेश के विकास में रणनीतिक भूमिका पर प्रकाश डालता हुआ प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। भूतल पर आयोजित इस सेशन में सरकार द्वारा उठाई गईं पहलों को विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम के अंत में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त व कृषि उत्पादन आयुक्त, उत्तर प्रदेश सरकार ने आयोजन में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर मा. कैबिनेट मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही, श्री अनिल राजभर, औद्योगिक विकास राज्य मंत्री श्री जसवंत सिंह सैनी, मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा सहित 50 से अधिक उद्यमी तथा वरिष्ठ सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे।


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