‘दूसरों के घर बर्तन धोने वाली मां का बेटा आंबेडकर की वजह से पीएम बन पाया’


images (40)

 

महू : संविधान निर्माता डॉ बी आर अम्बेडकर की 125वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘ग्राम उदय से भारत उदय अभियान’ का शुभारंभ करते हुए आज कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करके ही देश के आर्थिक विकास के पहिये को तेजी से घुमाया जा सकता है. आंबेडकर की जन्मभूमि से पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्होंने साठ साल में आंबेडकर के लिए कुछ नहीं किया वो सवाल उठाने की जगह पश्चाताप करें.

दलितों तक पंहुच बढ़ाने के भाजपा के प्रयासों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के जन्म दिवस पर उनकी जन्म स्थली महू से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी 60 साल तक इस दिग्गज दलित नेता की विरासत की कथित अवमानना करने के लिए ‘‘पश्चाताप’’ करे. उन्होंने कहा कि वह इस महान नेता के सपनों को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं.

महान राष्ट्रीय प्रतीकों पर ‘‘कब्जा’’ जमाने का प्रयास करने के कांग्रेस के आरोपों का सामना कर रहे मोदी ने यहां सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली पार्टी पर पलटवार करते हुए कहा कि बरसों तक कांग्रेस की एक के बाद एक सरकारें आती रहीं लेकिन इतने लंबे अपने शासन काल में वह डा अंबेडकर से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थलों का विकास नहीं कर पाई. उन्होंने कहा कि इतने बरसों तक कांग्रेस के शासन में बाबा साहब के नजरिए की अवमानना होती रही.

उन्होंने कहा, ‘‘अब कुछ लोग इसलिए परेशान हैं कि मोदी यह सब कर रहा है. लेकिन यह हमारी प्रतिबद्धता और आस्था का सवाल है. हमारा मानना है कि सामाजिक सौहार्द केवल बाबा साहब के रास्ते का अनुसरण करके ही पाया जा सकता है. बाबा साहब के चरणों से यह कार्य करने में मुझे गर्व हो रहा है.’’ मोदी ने अपने सामान्य परिवेश से आने का संदर्भ देते हुए कहा कि दूसरों के घर काम करने वाली का बेटा अगर प्रधानमंत्री बन सकता है तो इसका पूरा श्रेय बाबा साहब अंबेडकर को जाता है.

पीएम मोदी ने कहा दूसरों के घर बर्तन धोने वाली मां का बेटा आंबेडकर की वजह से पीएम बन पाया . मोदी ने यहां 14 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चलने वाले देशव्यापी ‘ग्राम उदय से भारत उदय’ अभियान के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘‘महात्मा गांधी ने ग्राम स्वराज की जो अवधारणा प्रतिपादित की थी, वह अब तक मूर्त रूप नहीं ले सकी है और आजादी के लगभग 70 साल बाद भी गांवों की हालत में यथोचित बदलाव नहीं आया है. हमने इसमें बदलाव लाने के लिये इस अभियान की शुरूआत की है.’’ उन्होंने कहा कि यह अभियान डॉ. अम्बेडकर की प्रेरणा शुरू किया गया है, क्योंकि वे दूरदृष्टा होने के साथ सामाजिक सशक्तिकरण, आर्थिक समृद्धि और आधुनिक तकनीकी के पक्षधर थे.

उन्होंने कहा, ‘‘देश का स्थाई आर्थिक विकास केवल 5-50 बड़े शहरों और इतने ही उद्योगपतियों के बूते नहीं हो सकता है. हमें गांवों की नींव मजबूत खड़ी करनी होगी तभी इस पर देश के स्थाई आर्थिक विकास की इमारत खड़ी हो सकती है.’’ उन्होंने कहा कि सरकार देश के उन 18,000 हजार गांवों में केवल 1,000 दिन के भीतर विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था करने की योजना पर काम कर रही है, जहां आजादी के 70 साल बाद भी बिजली नहीं पहुंच सकी है और इन ग्रामीण इलाके के लोगों को आज भी 18वीं, 19वीं सदी की तरह जीवन जीना पड़ रहा है.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार देश के 2.5 लाख लाख गांवों में ऑप्टीकल फाइबर की लाइन बिछाते हुए डिजिटल कनेक्टिविटी मुहैया कराने की योजना पर काम कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उनकी अपील पर पिछले एक साल के दौरान देश के 90 लाख परिवारों ने गैस सिलेण्डर की सब्सिडी छोड़ दी है. इसके साथ ही सरकार ने एक करोड़ गरीब परिवारों को गैस सिलेण्डर का कनेक्शन देकर उन्हें चूल्हे के धुंए से मुक्ति दिलाई है. उन्होंने कहा कि सरकार आम बजट की अपनी घोषणा के मुताबिक अगले तीन साल में पांच करोड़ गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन मुहैया करायेगी.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने वर्ष 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प लिया है, जिसे पूरा किया जायेगा.

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ अर्थशास्त्रियों और विद्वानों ने उनसे कहा कि देश के किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी करने का कार्य बहुत मुश्किल है. इस पर मैंने उन्हें जवाब दिया कि देश की जनता ने मुश्किल कामों के लिये ही मुझे चुना है.’’ उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यस्था को मजबूत करने के लिये हमें गांवों के लोगों की क्रय शक्ति को बढ़ाना होगा. इसी से शहरों का भी आर्थिक विकास होगा, क्योंकि ग्रामीण आबादी खरीदी के लिये बड़ी संख्या में शहरों का ही रूख करती है.

संविधान निर्माता डा अम्बेडकर की 125 वीं जयंती पर प्रधानमंत्री ने यहां से ‘‘ ग्राम उदय से भारत उदय अभियान ’’ का भी शुभारंभ करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करके ही देश के आर्थिक विकास के पहिये को तेजी से घुमाया जा सकता है. उन्होंने 14 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चलने वाले देशव्यापी ‘ग्राम उदय से भारत उदय’ अभियान का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘‘महात्मा गांधी ने ग्राम स्वराज की जो अवधारणा प्रतिपादित की थी वह अब तक मूर्त रूप नहीं ले सकी है और आजादी के लगभग 70 साल बाद भी गांवों की हालत में यथोचित बदलाव नहीं आया है. हमने इसमें बदलाव लाने के लिये इस अभियान की शुरूआत की है.’’ उन्होंने कहा कि यह अभियान डॉ अम्बेडकर की प्रेरणा से शुरू किया गया है क्योंकि वे दूरदृष्टा होने के साथ सामाजिक सशक्तिकरण, आर्थिक समृद्धि और आधुनिक तकनीक के पक्षधर थे.

उन्होंने कहा कि सरकार देश के उन 18,000 गांवों को केवल 1000 दिन के भीतर विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था पर काम कर रही है जहां आजादी के करीब 70 साल बाद भी बिजली नहीं पहुंच सकी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार देश के 2.5 लाख गांवों में ऑप्टीकल फाइबर की लाइन बिछाते हुए डिजिटल कनेक्टिविटी मुहैया कराने की योजना पर काम कर रही है.

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उनकी अपील पर पिछले एक साल के दौरान देश के 90 लाख परिवारों ने गैस सिलेण्डर की सब्सिडी छोड़ दी है. इसके साथ ही सरकार ने एक करोड़ गरीब परिवारों को गैस सिलेण्डर का कनेक्शन देकर उन्हें चूल्हे के धुंए से मुक्ति दिलाई है. उन्होंने कहा कि सरकार आम बजट की अपनी घोषणा के मुताबिक अगले तीन साल में पांच करोड़ गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन मुहैया करायेगी.


Scroll To Top
Translate »