प्रोमोटर्स द्वारा विकास प्राधिकरणों में लम्बित उनके मामलों की जानकारी यू.पी. रेरा की माइक्रो-वेबसाइट पर दी जा सकेगी


यू.पी. रेरा सम्बंधित विकास प्राधिकरण से लम्बित मामलों की जानकारी के निस्तारण के प्रगति का अपडेट ले सके


लखनऊ/ग्रेटर नोएडा | अध्यक्ष यू.पी. रेरा राजीव कुमार की अध्यक्षता में हुई उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) की 87वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यूपी रेरा की मुख्य वेबसाइट पर ही एक माइक्रो-वेबसाइट तैयार की जाएगी, जिस पर परियोजनाओं के प्रोमोटर्स द्वारा उत्तर प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों में उनके लम्बित मामलों की जानकारी यू.पी. रेरा को दी जा सकेगी और यू.पी.रेरा इन मामलों के निस्तारण हेतु सम्बंधित विकास प्राधिकरण को अपने स्तर से संदर्भित करेगा और प्रगति का अनुश्रवण करेगा।

यू.पी. रेरा के समक्ष समय-समय पर इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं जिनमे प्रोमोटर यह बताते हैं कि उनकी परियोजना से संबन्धित मामले विकास प्राधिकरण में लम्बित हैं जिसके कारण परियोजना के विकास में अवरोध आ रहा है। यह पाया गया कि कहीं ये मामले सड़क का निर्माण नहीं होने, कहीं नक्शा पास होने में विलंब होने या फिर संबन्धित प्राधिकरण द्वारा अवस्थापनाओं का विकास न करने से संबन्धित होते हैं। इस तरह के मामलों के निस्तारण न होने पर परियोजनाएं समय से पूरी नहीं होतीं जिनका सीधा असर प्रोमोटर्स के साथ-साथ घर खरीदारों पर भी पड़ता है। समय से परियोजना पूरी न होने पर होमबायर्स कब्जा पाने के लिए परेशान होते हैं और प्रोमोटर/बिल्डर को भी समय से परियोजना पूर्ण करने में कठिनाई होती है। इन सभी कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जाए जहां प्रोमोटर उत्तर प्रदेश के किसी भी विकास प्राधिकरण में लम्बित मामलों की जानकारी यू.पी. रेरा की वेबसाइट पर दे सकें और यू.पी. रेरा सम्बंधित विकास प्राधिकरण से इन प्रकरणों के निस्तारण के प्रगति का अपडेट ले सके। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि यदि किसी प्रोमोटर की परियोजना से जुड़ा मामला किसी कारणवश विकास प्राधिकरण में लम्बित है तो उसका जल्द से जल्द निस्तारण करवाया जाए ताकि परियोजना का काम समय से पूरा हो सके।

इस माइक्रो वेबसाइट का लिंक यूपी रेरा के पोर्टल के होमपेज पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें संबन्धित प्रोमोटर विकास प्राधिकरण से जुड़ी अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे। साथ ही यह सुविधा उन प्रमोटर्स के लिए भी उपलब्ध होगी जो रेरा में अपनी परियोजना का पंजीकरण करवाने के लिए विकास प्राधिकरणों से अनापत्तियाँ तथा स्वीकृतियाँ प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। इस व्यवस्था के अंतर्गत यूपी रेरा के पोर्टल पर प्रकरण दर्ज होने के साथ ही सम्बंधित विकास प्राधिकरण के डैशबोर्ड पर भी दिखेगा।

उत्तर प्रदेश रेरा द्वारा इस व्यवस्था के संबंध मे सभी विकास प्राधिकरणों को अवगत कराया जा रहा है जिससे उनके द्वारा रेरा में दर्ज कराये गए मामलों का शीघ्र निस्तारण करने का प्रयास किया जा सके।


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