March 15, 2021Comments Off on किसी को देखूं मगर मुझको तू नज़र आए, अब अपने नूर से ऐसा भी दे जमाल मुझे…911 Views
महफ़िल ए बारादरी में नारी मन की पीड़ा को मिली वाणी अपने अपने मकान पर सब पहुंचे एक मेरा ही घर नहीं आता :डॉ.सीता सागर चंद लम्हात भी सदियों की सिफ़त रखते हैं, वक़्त के टुकड़े का वाज़िब है कहानी ...