लखनऊ: मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के लिए सभी का सहयोग मांगा है। इसके लिए उन्होंने सभी केन्द्रीय मंत्रियों एवं सांसदों से केन्द्र सरकार के स्तर पर लम्बित राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु सहयोग का अनुरोध किया है। इस सम्बन्ध में श्री यादव ने उत्तर प्रदेश से निर्वाचित सभी केन्द्रीय मंत्रियों सहित लोक सभा व राज्य सभा सदस्यों को पत्र लिखा है।
राज्य के सभी केन्द्रीय मंत्रियों और सांसदों को लिखे व्यक्तिगत पत्र में श्री यादव ने उल्लेख किया है कि उत्तर प्रदेश के विकास और उन्नयन के लिए विभिन्न विषयों पर समय-समय पर प्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार से अनुरोध किया जाता रहा है। कतिपय महत्वपूर्ण प्रकरणों में स्वयं उनके द्वारा प्रधानमंत्री जी को समय-समय पर पत्र लिखा गया है। इनमें से महत्वपूर्ण प्रकरणों का सारांश सुलभ संदर्भ हेतु संलग्न करते हुए श्री यादव ने राज्य के विकास हित में लम्बित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु केन्द्र सरकार का ध्यान आकृष्ट करने का अनुरोध प्रदेश के सभी केन्द्रीय मंत्रियों और सांसदों से किया है।
पत्र के साथ संलग्नक के तौर पर प्रेषित एक पुस्तिका में राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को भेजे गए 26 महत्वपूर्ण मामले शामिल किए गए हैं। यह सभी प्रकरण केन्द्र सरकार को 30 नवम्बर, 2015 तक की अवधि में प्रेषित किए गए हैं। इनमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से सम्बन्धित 06 प्रकरण, सड़क परिवहन राजमार्ग एवं पोत परिवहन मंत्रालय से सम्बन्धित 01 प्रकरण, रेल मंत्रालय से जुड़े 04 प्रकरण, वित्त मंत्रालय से सम्बन्धित 04 प्रकरण, ऊर्जा मंत्रालय से सम्बन्धित 01 प्रकरण, कोयला मंत्रालय से सम्बन्धित 02 प्रकरण, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से सम्बन्धित 01 प्रकरण, रक्षा मंत्रालय से सम्बन्धित 01 प्रकरण, जल संसाधन मंत्रालय से सम्बन्धित 03 प्रकरण, नीति आयोग से सम्बन्धित 01 प्रकरण, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय से सम्बन्धित 01 प्रकरण तथा बैंकिंग विभाग वित्त मंत्रालय से सम्बन्धित 01 प्रकरण शामिल हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रेषित प्रकरणों में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-25 (लखनऊ-कानपुर सेक्शन) को प्राधिकरण से वापस राज्य सरकार को हस्तांतरित करने, गोरखपुर देवरिया होते बिहार सीमा पर राष्ट्रीय राजमार्ग का चैड़ीकरण, एन0एच0ए0आई0 के फेज 3 और फेज 4 की योजनाओं में स्वीकृत महत्वपूर्ण परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराना, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम योजना के तहत दिल्ली-मेरठ काॅरिडोर को मंजूर किया जाना तथा राज्य के कतिपय मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जाना आदि शामिल हैं। रेल मंत्रालय को भेजे गए प्रकरणों में जनपद कानपुर में रेल समपार पर उपरिगामी सेतु निर्माण हेतु रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति लिया जाना, इटावा-मैनपुरी रेल लाइन को शीघ्र पूरा किया जाना, कन्नौज रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण रेलगाडि़यों का ठहराव तथा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 76 के कि0मी0 64 में स्थित रेलवे समपार संख्या 391 पर रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण प्राथमिकता पर कराया जाना शामिल हैं।
वित्त मंत्रालय को प्रेषित प्रकरणों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत कार्य के लिए केन्द्रीय सहायता उपलब्ध कराया जाना, प्रदेश में स्थित राष्ट्रीय मार्गों/राजमार्गों के त्वरित विकास हेतु अनुरक्षण/चैड़ीकरण मद में अवशेष धनराशि का यथाशीघ्र अवमुक्त कराया जाना, दिल्ली मेट्रो का विस्तार नया बस अड्डा, गाजियाबाद तक किया जाना, प्रदेश में दुग्ध उत्पादन योजनाएं कामधेनु एवं मिनी कामधेनु डेयरी योजना हेतु सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से त्वरित ऋण स्वीकृत किया जाना आदि शामिल हैं। ऊर्जा मंत्रालय को भेजा गया प्रकरण प्रदेश को केन्द्रीय अभ्यांश से अतिरिक्त विद्युत ऊर्जा उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में है।
कोयला मंत्रालय को भेजे गए प्रकरण प्रदेश में एम0ओ0यू0 पद्धति से स्थापित होने वाली उत्पादन परियोजना हेतु कोयला आवंटन तथा प्रदेश में स्थापित होने वाले ललितपुर तापीय परियोजना को उचित दरों पर कोयला आपूर्ति के सम्बन्ध में हैं। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को प्रदेश में चीनी उद्योग के समक्ष उत्पन्न वित्तीय संकट को दूर करने के लिए तथा रक्षा मंत्रालय को आगरा के निकट हिरन गांव, फिरोजाबाद में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के सम्बन्ध में पत्र लिखा गया है।
जल संसाधन मंत्रालय को राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (एन0जी0आर0बी0ए0) के तहत प्रदेश सरकार की परियोजनाओं के सापेक्ष अधिक से अधिक धनराशि अवमुक्त करने, सिंचाई एवं जल संसाधन (ए0आई0बी0पी0) के तहत केन्द्रांश की स्वीकृति तथा बाढ़/ओलावृष्टि के फलस्वरूप राहत की धनराशि अवमुक्त किए जाने के प्रकरण प्रेषित किए गए हैं। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास हेतु धनराशि अवमुक्त करने के सम्बन्ध में नीति आयोग को, हज यात्रियों पर लगी पाबंदियों पर छूट देने के सम्बन्ध में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को तथा कृषकों को ऋण में राहत प्रदान किए जाने से सम्बन्धित प्रकरण को बैंकिंग विभाग, वित्त मंत्रालय को भेजा गया है।
https://rashtriyadinmaan.com

