नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा एक जनवरी से मूर्त रूप लेने जा रही है. नए साल से कई सरकारी नौकरियों के लिए न तो इंटरव्यू लिए जाएंगे और न ही हलफनामा देना होगा.
कार्मिक एवं लोक शिकायत राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि इसी के साथ दस्तावेजों को राजपत्रित अधिकारियों से सत्यापित कराने की प्रक्रिया भी समाप्त हो गई है. अब आवेदकों को सभी दस्तावेज स्वयं ही प्रमाणित करके देने होंगे.
जितेंद सिंह का कहना है कि सरकार अपने नागरिकों पर विश्वास बढ़ाना चाहती है इसलिए यह कदम उठाया गया है. इस निर्णय से युवाओं को विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आवेदकों को काफी राहत मिलेगी.
हाल ही में कार्मिक मंत्रालय ने किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए दिए जाने वाले हलफनामे की प्रक्रिया को बंद किया है. इसके स्थान पर आवेदकों को स्व-प्रमाणित दस्तावेज देना होता है. केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित क्षेत्रों के प्रशासकों से यह नियम लागू करने के लिए कहा है.
1 जनवरी 2016 से ग्रुप सी और ग्रुप डी नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को इंटरव्यू नहीं देना होगा.
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