नई दिल्ली. पठानकोट एयरबेस पर जनवरी में हुए टेररिस्ट अटैक के बाद डिफेंस मिनिस्ट्री ने वेस्टर्न कमांड के करीब 55 एयरबेस को हाई अलर्ट पर रखा है। इन एयरबेस में जबर्दस्ती एंट्री करने वाले किसी भी सस्पेक्ट को देखते ही गोली मारने के ऑर्डर दिए गए हैं। आर्मी और पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ क्विक रिएक्शन टीम बनाने की प्रॉसेस भी शुरू कर दी गई है। इस बीच, होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने कहा है कि पठानकोट हमले के बाद सरकार अपनी काउंटर टेरर स्ट्रेटेजी को रिव्यू कर रही है। जयपुर में काउंटर टेररिज्म कॉन्फ्रेंस 2016 में हिस्सा लेते हुए राजनाथ ने कहा, ‘हम लोग असरदार स्ट्रेटेजी बना रहे हैं ताकि ऐसे (पठानकोट) हमलों से देश को बचाया जा सके। अगर पाकिस्तान ने आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ निर्णायक एक्शन लिया तो हम पड़ोसी देश के साथ खड़े होंगे। पाकिस्तान से ही ज्यादातर आतंकी वारदातों के तार जुड़े होते हैं। अब उसे अपनी जमीन से आतंक फैलाने वालों पर एक्शन लेना होगा।’
पठानकोट हमले में था किसी अंदरूनी शख्स का हाथ?
– नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी को पठानकोट हमले में किसी अंदरूनी शख्स का हाथ होने के अहम सुराग भी मिले हैं।
– अब तक की जांच बता रही है कि एयरबेस की 10 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल के ऊपर लगे तार अंदर से काटे गए थे। जहां तार काटे गए, वहां की लाइटें भी काम नहीं कर रही थीं।
– मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तार अंदर से काटा गया हो या बाहर से, दोनों ही हालत में निशान भी अलग-अलग ही बनेंगे।
पाकिस्तान ने अब तक दर्ज नहीं की है FIR?
– हमले का मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद का चीफ मौलाना मसूद अजहर है।
– भारत ने आतंकियों की उनके हैंडलर्स से बातचीत की कॉल डिटेल्स और उनसे मिले पाकिस्तान में बने सामानों के सबूत पड़ोसी देश को सौंपे हैं।
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