नई दिल्ली: लांस नायक हनुमंथप्पा के निधन से देशभर में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई सियासी हस्तियों ने हनुमनथप्पा के निधन पर शोक जताया है।
लांस नायक हनुमनथप्पा कोप्पड़ की मृत्यु पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शोक प्रकट करते हुए कहा कि हनुमनथप्पा हमें ‘उदास और व्यथित’ छोड़ गए हैं। सियाचिन हिमनद में आए हिमस्खलन में बर्फ की मोटी परत के नीचे दबे हनुमनथप्पा को छह दिन बाद जीवित बाहर निकाला गया था।
मोदी ने ट्वीट किया, ‘वह हमें उदास और व्यथित छोड़ गए हैं। लांस नायक हनुमनथप्पा की आत्मा को शांति मिले। आपके अंदर जो सैनिक था वह अमर है। हमें गर्व है कि आप जैसे शहीदों ने भारत की सेवा की।’’ सियाचिन हिमनद में 19,000 फुट की उंचाई पर तीन फरवरी को हुए हिमस्खलन के बाद कई टन बर्फ के नीचे दबे होने के बावजूद चमत्कारिक रूप से जीवित बाहर निकाले गए सैनिक की आज मृत्यु हो गई।
19 बटालियन के मद्रास रेजिमेंट के 33 वर्षीय सैनिक अपने पीछे पत्नी महादेवी अशोक बिलेबल और दो वर्षीय बेटी नेत्रा कोप्पड़ को छोड़ गए हैं। कर्नाटक के धरवाड़ जिला में बेतादुर गांव के रहने वाले हनुमनथप्पा 13 साल पहले सेना में शामिल हुए थे। आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में भर्ती हनुमनथप्पा की हालत कल बिगड़ गई थी।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हनुमनथप्पा की मृत्यु पर गहरा सदमा और दुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा, ‘अपने जीवन काल में भारत के इस वीर सपूत ने पूरे देश की जनता को एकजुट कर दिया। पूरे देश ने उनकी सलामती के लिए दुआएं मांगी और आज हर नागरिक उनके लिए दुखी है।’ हनुमनथप्पा के परिवार और उनके परिजन को भेजे अपने शोक संदेश में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘उन्होंने अपने आखिरी समय तक लड़ते हुए अदम्य साहस, बहादुरी और निष्ठा दिखाया जो हमारी सेना की विशिष्ट पहचान है।’ हनुमनथप्पा की मृत्यु पर शोक जताते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी उनकी बहादुरी को सलाम किया।
बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘लांस नायक हनुमनथप्पा की मृत्यु के समाचार से दुखी हूं। बहादुर सैनिक ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्हें और हादसे में मारे गए उनके साथियों को सलाम।’
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