लखनऊ | भारतीय जनता पार्टी ने कहा सूबे का महौल खराब कर रहे लोगों पर कठोर कार्यवाही करे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव। प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि विकास के मुद्दे पर नाकाम, लचर प्रशासनिक व्यवस्था के कारण बजट न खर्च कर पाने की आरोपी अखिलेश सरकार में विकास के थोथे दावें है, आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से परे हो, अपनी जानकारी के आधार सूबे का महौल खराब कर रहे लोगों को चिन्हित करे मुख्यमंत्री, कार्यवाही करे।
सोमवार को पार्टी मुख्यालय पर मुख्यमंत्री के कथन की कुछ लोग ‘‘सूबे का महौल खराब करना चाहते है’’ पर प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि उनकी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव कहते है कुछ मंत्री पैसा कमाने में लगे, किन्तु जब कार्यवाही की बात आती है तो चुप्पी साध जाते है। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर लगातार नाकाम होती अखिलेश सरकार अपने बचाव में नित नया तर्क ढुढ़ने में लगी है। कुछ लोग महौल खराब करना चाहते तो आखिर उन कुछ लोगों के बारे में जानकारी होने के बावजूद सरकार के पास पुख्ता सुचनायें होने पर भी यादि कठोर कार्यवाही नहीं हो रही तो क्या उसके लिए विपक्ष और मीडिया जिम्मेदार है ? आखिर क्या कारण है कि लगातार राजधानी में बेटियों की लाश अतिसुरक्षित जोन में मिल रही है। मुख्यमंत्री टियूट्र कर सख्त आदेश देने का संदेश देते है पर वह ये विचार क्यों नहीं करते जिन अधिकारियों को घटनाओं पर अपने कत्र्तव्यों का पालन करना चाहिए वो क्यों नहीं कर पा रहे, उनपर कौन से राजनैतिक दबाव काम करते है जिन्हें हटाने के लिए बार-बार मुख्यमंत्री को सख्त कार्यवाही के निर्देश देने पड़ते है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में उनके पर्यटन मंत्री ने कहा कि मनरेगा को बंद कर देना चाहिए। उसके लिए जो उन्होंने कारण गिनाये उसमें कहा कि मनरेगा की वजह से गांव में वर्क कल्चर बरबाद हो गया है, खेती मंहगी हो गयी और खेतिहर मंजदूर बेईमान हो गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में उनके मंत्री परिषद के एक सदस्य का यह कथन महत्वपूर्ण है। स्वाभाविक है मुख्यमंत्री के उपस्थिति में उनके मंत्री परिषद के सदस्य का बयान उनकी सहमति से दिया गया होगा, बात-बात प्रधानमंत्री को पत्र लिखते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी सरकार के मनरेगा पर दृष्टिकोण का प्रगतिकरण करते हुए पत्र लिख दंे।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कुर्तकों से बचाव की बजाय राज्य में जो घटनायें घट रही है उनकी ओर भी मुख्यमंत्री देखे। जिस 1090 का बखान करते हुए अघाते नहीं है उसके बारे में क्या-क्या सुचनायें वो जान लें। एक बार फिर केवल थोथी घोषणा करके 55 लाख महिलाओं को पेंशन देने की बात करते है पर विचार तो करें कि आखिर 45 लाख पेंशन देने के लक्ष्य का क्या हुआ ?
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