बैंकों की उदासीनता के कारण प्रधानमंत्री मुद्रायोजना सहित कई योजनाओं का लाभ नही—मुख्य सचिव


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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय वित्तीय समावेशन समिति की बैठक संपन्न
स्टैण्डअप इण्डिया  में 32 हजार व्यक्तियों को लाभान्वित कराये जाने के लक्ष्य के
सापेक्ष मात्र 836 व्यक्तियों को ऋण बैंकों द्वारा उपलब्ध कराये गये
लखनऊ:   उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राहुल भटनागर ने कहा कि भारत सरकार की निर्धारित 10 मानकों में से 06 मानकों में उत्तर प्रदेश द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त किये जाने के फलस्वरूप भी खाता खुलवाने के पश्चात भी बैंकों की उदासीनता के कारण क्रियाशील कर खाता धारकों को रुपे डेबिट कार्ड जारी करना एवं खाते को संचालित करना आदि की उपलब्धि नितांत असंतोषजनक है, जिसके कारण खाताधारक को बीमा योजना का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी 15 अक्टूबर तक समस्त रुपे डेबिट कार्ड खाता धारकों को बैंकों द्वारा वितरित करा दिये जायें तथा एक अभियान चलाकर खाता धारकों को साक्षर कराया जाये, ताकि वे अपने खातों का संचालन स्वयं कर सकें। उन्होंने कहा कि बैंकों की उदासीनता के कारण प्रधानमंत्री मुद्रा योजनान्तर्गत मात्र 10 लाख लाभार्थियों को ऋण वितरण कराया जाना संभव हुआ है।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में राज्य स्तरीय वित्तीय समावेशन समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित स्टैण्डअप इण्डिया अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष में 32 हजार व्यक्तियों को लाभान्वित कराये जाने के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 836 व्यक्तियों को भी ऋण बैंकों द्वारा उपलब्ध कराये गये हैं। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में भी नामांकन तथा प्राप्त दावों की संख्या बहुत कम है।
श्री भटनागर द्वारा निर्देश दिये गये कि समस्त बैंकर्स एवं राज्य सरकार द्वारा सामंजस्य बनाते हुये ऐसी रणनीति तैयार की जाये, ताकि इन योजनाओं का लाभ जमीन स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित होने वाले तहसील दिवसों, थाना दिवसों में बैंकर्स द्वारा सहभागिता सुनिश्चित कराकर इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बैंक एवं बीमा  की सभी योजनाओं की जानकारी जनमानस को देने तथा उनकी समस्यायें निपटाने हेतु टोल-फ्री नं0 1520 चैबीस घंटे संचालित कराया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने प्रदेश सरकार द्वारा हाल में ही संचालित समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के विषय में विस्तार से अवगत कराया कि बिना किसी प्रीमियम के राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के समस्त कृषकों तथा ऐसे परिवार के मुखिया जिनकी वार्षिक आय रुपये 75,000 से कम है, उन्हें दुर्घटनावश मृत्यु/स्थायी विकलांगता की दशा में रुपये 05 लाख तक की धनराशि देय है तथा दुर्घटना होने पर उसके परिवार को रुपये ढाई लाख तक की कैशलेस चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है तथा रुपये 01 लाख तक कृत्रिम अंग लगाये जाने की व्यवस्था भी की गयी है।
प्रमुख सचिव संस्थागत वित्त डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय द्वारा बैंकों से अपेक्षा की गई कि वे प्रो-एक्टिव होकर कार्य करें तथा राज्य सरकार द्वारा उनसे यह भी अपेक्षित है कि समाज के कमजोर वर्गों अनुसूचित जाति/जनजाति, महिलाओं, अल्पसंख्यक आदि के लिये जो भी बैंकिंग योजनायें चलायी जा रही हैं, उनमें शत-प्रतिशत लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धि हो तथा ऐसी कारगर व्यवस्था उन्हें अपनानी होगी कि जनमानस तक इन योजनाओं की पूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके।
भारत सरकार के संयुक्त सचिव वित्त मंत्रालय मो0 मुस्तफा द्वारा आश्वस्त किया गया कि उनके द्वारा शीघ्र ही बैंकों के उच्चतर अधिकारियों के साथ लखनऊ में एक बैठक आहूत की जायेगी तथा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि बैंकों को जो भी योजनान्तर्गत लक्ष्य दिये गये हैं, उनकी शत-प्रतिशत पूर्ति हो तथा बैंक एवं बीमा से सम्बन्धित समस्त योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार की रणनीति बनायी जायेगी तथा वित्तीय साक्षरता का एक विशेष अभियान उत्तर प्रदेश में चलाया जायेगा।
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि द्वारा प्रतिभाग न किये जाने को अत्यंत गंभीरता से लिया गया तथा उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने का आश्वासन भारत सरकार के प्रतिनिधि मो0 मुस्तफा द्वारा दिया गया।
महानिदेशक संस्थागत वित्त श्री शिव सिंह यादव द्वारा अवगत कराया गया कि कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों तथा समाजवादी पेंशन धारक, एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्राप्त लैपटाॅप धारक छात्र अर्थात कुल लगभग  75 लाख लाभार्थियों को प्रधानमंत्री रोजगार योजनान्तर्गत लाभान्वित कराया जाये।
बैठक में मण्डलायुक्त लखनऊ श्री भुवनेश कुमार, राज्य स्तरीय बैंकर समिति बैंक आॅफ बड़ौदा के उप महाप्रबंधक, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक भी उपस्थित थे।

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