डेयरी उद्योग के विकास के लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्प: मुख्यमंत्री


1476624607636lucknow
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आज यहां उनके सरकारी आवास पर डेयरी उद्योग के एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में समाजवादी सरकार द्वारा दुग्ध उद्योग के विकास के लिए उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए आभार जताया। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री को राज्य में डेयरी उद्योग के विकास में आ रही समस्याओं से अवगत कराते हुए उनके निस्तारण की मांग भी की।
यह जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार प्रदेश में डेयरी उद्योग के विकास के लिए कृतसंकल्प है, इसमें किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए अनेक प्रभावी कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित कामधेनु डेयरी योजना से प्रदेश में दूध उत्पादन तेजी से बढ़ा है। उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। कामधेनु डेयरी योजना की सफलता को देखते हुए मिनी कामधेनु डेयरी योजना और माइक्रो कामधेनु डेयरी योजना भी लागू की गई है। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ने के साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी हुआ है।

श्री यादव ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था ग्रामीण और खेती आधारित है। समाजवादी सरकार के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में खेती और खेती से जुड़े व्यवसायों का तेजी से विकास हुआ है। इससे ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। समाजवादी सरकार ने दुग्ध प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए भी अनेक कदम उठाए हैं। प्रदेश में लखनऊ व कानपुर में अमूल के बड़े दुग्ध प्लाण्ट लगाए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने पी.सी.डी.एफ. के रिवाइवल के लिए 2100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। राज्य के दुग्ध ब्राण्ड ‘पराग’ को मजबूत करने के लिए भी काम किया जा रहा है। इसके लिए नये प्लाण्टों की स्थापना के साथ ही प्लाण्टों की क्षमता बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।


Scroll To Top
Translate »