समाजवादी कुनबे की आपसी रार से प्रदेश का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से ठप—- हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव


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लखनऊ | भारतीय जनता पार्टी ने आज आरोप लगाया कि समाजवादी कुनबे की आपसी रार के कारण प्रदेश का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से ठप हो गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की आपसी कलह के कारण शासन प्रशासन तंत्र पूरी तरह पंगु हो गया है जिसके कारण वाराणसी जैसी घटना घटी जिसमें 25 लोगों की कीमती जाने चली गई जो अधिकारियों ने निलम्बंन और स्थानान्तरण से वापस आने वाली नहीं है।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सपा परिवार आपसी कलह को लेकर अपनी चिठ्ठी पत्री का ही आपसी आदान प्रदान करने में व्यस्त है और इस चिठ्ठी के आदान प्रदान करने के बहाने अरबो रूपये की कीमती जमीनों पर हुए अवैध कब्जों पर कार्यवाही करने के बजाय उस पर पर्दा डालने का काम कर रहे है। उन्होंने कहा सैफई कुनबा आपसी कलह सच या झूठ के मंचन कर जनता का ध्यान असली मुद्दे हटाना हैं। नोएडा मंे नक्सली अपना अड्डा बना रहे है और अपराधी खुले आम परिवार को बंधक बनाकर लूट को अंजाम दे रहे है। पूरे प्रदेश में अपराध व भ्रष्टाचार का साम्राज्य हो गया है।
हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि नैतिकता का तकाजा है कि सपा कुनबे की तत्काल प्रभाव से सरकार को त्याग पत्र देकर कुर्सी जनता को वापस सौंप देने चाहिए जो कि जनता 2017 में उनसे छीनने वाली है। उन्होंने कहा यह उ0प्र0 की जनता के साथ सरासर अन्याय की पराकाष्ठा है। सेवाएं बदहाल है सैकड़ो लोगो डेंगू से जीवन खो चुके आए दिन लूट और अपराध से प्रदेश की जनता बुरी तरह से त्रस्त है लेकिन सपा अपनी आपसी सत्ता स्वार्थो के बंदर बांट में जनता की अनदेखी कर रही है।
 श्रीवास्तव ने कहा कि सपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्वयं इस बात को स्वीकार किया कि प्रदेश की सड़के गढ्ढा युक्त है जमीनों पर अवैध कब्जों तथा सपा विधायकों और पदाधिकरियों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने की भी बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार का चुके है। उन्होनंे कहा कि सपा सरकार में उ0प्र0 की आज हालात यह है कि सड़क से लेकर जेल तक कही कोई सुरक्षित नही। अभी तक तो पुलिस और अधिकारी अपराधियों से पिट रहे थे अब जेल के अन्दर भी अपराधियों में मंसूबे इस तरह बढ़ गए है कि जेल के अन्दर भी वह अपराधियों को बंधक बना रहे है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भी सार्वजनिक रूप से सपा 2017 की चुनाव में स्थित के बारे में अनिश्चितता स्वीकार कर चुके है तथा सपा के राष्ट्रीय महासचिव ने अपने पत्र में हार को स्वीकार कर लिया है।

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