रामगोपाल यादव को शिवपाल ने बताया भाजपा का एजेंट ?


 

2016_10largeimg23_oct_2016_155915956

लखनऊ  : समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव को  सभी पदों के साथ छह साल के लिए पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है. शिवपाल यादव ने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए यह फैसला लिया. मुलायम सिंह ने रामगोपाल को बाहर का रास्ता दिखा दिया. शिवपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आधिकारिक तौर पर यह जानकारी देते हुए कहा, आपलोगों ने रामगोपाल का पत्र पढ़ लिया होगा. रामगोपाल यादव के पुत्र और पुत्रवधू घोटाले में फंस गये हैं. उधर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने आज सपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलायी है.

वो पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. अखिलेश को समझना चाहिए कि कौन उनका सगा है. मैंने उनके खिलाफ हमेशा पार्टी के मंच पर सवाल खड़ा किया है इसलिए वो मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं वो भ्रष्टाचारियों से मिले हैं. मैंने अखिलेश के साथ काम किया है और यूपी सरकार के लिए बेहतर काम किया है.
रामगोपाल ने नेता जी की उदारता का गलत इस्तेमाल किया है. उन्होंने कई नेताओं का अपमान किया है. उन्होंने भ्रम फैलाकर महागंठबंधन तोड़वाया है. प्रोफेसर साहेब ज्ञान का प्रयोग पार्टी के हित में करते तो फायदा होता लेकिन हमेशा गिरोह बनाने में उन्होंने इसका प्रयोग किया है. इसलिए उन्हें सभी पदों के साथ छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित किया जाता है.
गौरतलब  है कि रामगोपाल ने अखिलेश के समर्थन में चिट्ठी लिखी थी  और पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि जो लोग अखिलेश के विरोध में है उन्होंने करोड़ो रूपये कमाये हैं औऱ अखिलेश के साथ वो लोग हैं जो पार्टी के लिए खून पसीने  बसाया है. वो लोग जो अखिलेश के साथ नहीं है दोबारा जीतकर भी नहीं आयेंगे. रामगोपाल के इस पत्र पर खूब बवाल मचा.  सुबह से ही सपा में घमासान मचा है. अखिलेश ने विधायकों की बैठक में चार मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर कर दिया. रामगोपाल के निष्कासन को इसी फैसले का रिएक्शन माना जा रहा है.

Scroll To Top
Translate »