
प्रधानमंत्री मोदी के इस बार दिवाली चीन सीमा से लगे उत्तराखंड के आखिरी गांव माणा में मनाएंगे। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं गैस राज्य मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मोदी के माणा आने की पुष्टि की है। मोदी यहां सेना और आईटीबीपी के जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और थल सेनाध्यक्ष दलवीर सिंह सुहाग भी मोदी के साथ आ सकते हैं। हालांकि चमोली के डीएम विनोद कुमार सुमन ने बताया कि अभी तक उनके पास प्रधानमंत्री के माणा आने की कोई जानकारी नहीं है।
प्रधानमंत्री ने पिछले साल दिवाली सियाचिन मे सैनिकों के साथ मनायी थी। कयास लगाए जा रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिवाली इस बार भी बॉर्डर पर सैनिकों के साथ दिवाली मना सकते हैं। पाकिस्तान के साथ तनाव को देखते हुए माना जा रहा था कि वे पाक सीमा पर जवानों के बीच जाएंगे। लेकिन उन्होंने इसके लिए चीन सीमा से लगे उत्तराखंड के अंतिम गांव माणा को चुना है। यह भी संभावना है कि वे चीन सीमा का हवाई निरीक्षण और बदरीनाथ के दर्शन भी करेंगे। शुक्रवार को देहरादून पहुंचे केंद्रीय पेट्रोलियम एवं गैस राज्य मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मोदी के उत्तराखंड आने की पुष्टि की है।
बदरीनाथ के पास है माणा गांव
सामरिक लिहाज से महत्वपूर्ण माणा गांव बदरीनाथ धाम से तीन किमी की दूरी पर है। यह उच्च हिमालयी गांव है, जहां ग्रामीण छह महीने ही निवास करते हैं। अक्तूबर अंत में हिमपात से पहले यहां के लोग निचली घाटियों में चले आते हैं लेकिन सेना और आईटीबीपी यहां बारहों महीने तैनात रहती है।
दिल्ली से 730 किमी दूर है माणा
दिल्ली से माणा की दूरी लगभग 730 किमी है। इससे आगे 52 किमी दूर माणा पास है। अतीत में माणा पास से तिब्बत के साथ व्यापार और कैलास मानसरोवर की यात्रा की जाती थी। लेकिन चीन के तिब्बत पर कब्जा करने के बाद दर्रे से व्यापार और कैलास यात्रा बंद हो गई।
माणा के आसपास हैं दर्शनीय स्थल
माणा गांव के पास प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर व्यास गुफा, गणेश गुफा, सरस्वती मन्दिर, भीम पुल, वसुधारा जैसे दर्शनीय स्थल हैं। बदरीनाथ के दर्शन को आने वाले ज्यादातर यात्री इस उच्च हिमालयी गांव और यहां के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करते हैं।
https://rashtriyadinmaan.com
