खतरनाक प्रदूषण पर यूपी 5 राज्यों को NGT की फटकार, दिल्ली एनसीआर में निर्माण कार्य पर1 हफ्ते तक रोक


 

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नई दिल्ली: दिल्ली में जहरीली धुंध और प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अंतरिम आदेश जारी किया है और कहा कि दिल्ली एनसीआर में कोई भी पत्थर तोड़ने वाली मशीन नहीं चलेगी 1 हफ्ते तक. निर्माण कार्य भी बंद रहेगा.

आइए जानें क्या हैं एनजीटी के आदेश 

# दिल्ली के तीनों एमसीडी के वरिष्ठ सम्बंधित अधिकारी ये सुनिश्चित करेंगे कि आधा स्टाफ फील्ड ड्यूटी में भेजा जाए. जो ये देखेंगे कि कहीं कूड़ा जल न रहा हो,  धूल पर कैसे लगाम लगायी जा रही है आदि. वो स्टाफ रिपोर्ट अपने अधिकारियों को देंगे और वो रिपोर्ट एनजीटी को भी दी जाए.

# अन्य राज्यों के सम्बंधित विभागों के अधिकारी और उनका स्टाफ ये भी सुनिश्चित करेगा कि कहीं फसल अवशेष न जलाया जा रहा हो.

# दिल्ली एनसीआर के आस पास 1 हफ्ते के लिए सभी ईंट के भट्टे बंद. (अभी तक दिल्ली सरकार का ही आदेश था)

# दिल्ली एनसीआर में कोई भी निर्माण कार्य नहीं होगा 1 हफ्ते के लिए.

# CPCB को सभी सम्बंधित राज्यों के साथ मिलकर एक एयर क्वालिटी डाटा तैयार करना होगा. रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी जाएगी.

# फसल के अवशेष जलाने से हुआ प्रदूषण पर CPCB, PPCB, HPCB  की रिपोर्ट देखकर एक वकील ने दलील देते हुए कहा कि पिछले 1 महीने के दौरान अगर मान भी लिया जाए कf फसल अवशेष जलाये गए तो फिर उस 1 महीने के दौरान पंजाब और हरियाणा में प्रदूषण उतना नहीं था जितना दिल्ली में था. और रही बात हवा की तो उसका डायरेक्शन राजस्थान की तरफ था, दिल्ली की तरफ था ही नहीं. दिल्ली में दिवाली से 5 दिन पहले से ही हालात खराब होने लगे थे.

# एनजीटी ने कहा कि अगर फसल अवशेष नहीं था तो क्या वजह थी!! ये आसमान से नहीं आया ये हमारी वजह से हुआ है.

# एनजीटी ने सरकार और एमसीडी से पूछा कि आखिर अब तक धूल साफ़ करने के लिए क्लीनिंग मशीन क्यों नहीं लगाईं गयीं. कल तक एनजीटी को बताएं कि क्या तय किया क्लीनिंग मशीन को लेकर.

# कल भी सुनवाई जारी. इस वजह से मामले की सुनवाई टाल रहे हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में अभी सुनवाई होनी है और आप लोगों को वहां जाना है.

एनजीटी ने लगाई फटकार

इससे पहले, दिल्ली में जहरीली धुंध और प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केजरीवाल सरकार की जमकर फटकार लगाते हुए दिल्ली सहित पंजाब और उत्तर प्रदेश की सरकारों से भी सख्त सवाल पूछे. NGT ने दिल्ली सरकार से पूछा कि आपने पानी के छिड़काव के लिए उन्हीं क्रेनों का इस्तेमाल किया जो पेड़ उखाड़ने का काम आते हैं, आखिर पानी के छिड़काव के लिए आपने हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल क्यों नहीं किया?

इस सुनवाई के दौरान 5 राज्यों के सचिव और केंद्र के सचिव मौजूद रहे.

NGT ने दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के सचिवों से एक के बाद एक जिस सख्ती के साथ सवाल किए, उनके सामने ये सारे सचिव लाचार दिखे. सचिवों के हर जवाब को  NGT ने गौर से सुना और उनसे अपने सवाल करने का सिलसिला जारी रखा. सबसे ज्यादा फटकार दिल्ली सरकार को लगाई.

दिल्ली सरकार को फटकार

NGT दिल्ली में प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार से कई सवाल किए.

NGT ने पूछा कि पानी के छिड़काव के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल क्यों नहीं हुआ.

आपने ऐसे हालात बनने के बाद बैठकों के अलावा क्या कार्रवाई की?

इसपर दिल्ली सरकार के सचिव ने बताया कि पटाखे जले, फसल जली और हवा बंद हुई इसकी वजह से ऐसे हालात बने. दिल्ली के सचिव का तर्क था कि पटाखे कम इस्तेमाल की सलाह दी गई थी.

अपनी बात रखते हुए जैसे ही सचिव ने कहा कि पटाखे बैन कर दिए थे, एनजीटी ने कहा आदेश दिखाइए.. सचिव बोले: नहीं हमने चीनी पटाखे बैन किए.

दिल्ली के सचिव ने बताया कि बदरपुर प्लांट बंद किया, एनजीटी ने पूछा क्यों बंद किया? क्या आपने बदरपुर को लेकर कोई स्टडी की? कैसे तय किया कि बंद करना है?

इसके बाद NGT ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने इसे मज़ाक बना रखा है. इस दौरान NGT ने कहा कि जिन क्रेन से लाइट सही होती है और पेड़ काटे जाते हैं उनसे ही आपने पानी का छिड़काव करवाया, ये कार्रवाई है आपकी!!

NGT यहीं पर नहीं रुका और कहा, क्या ये चौंकाने वाला नहीं है कि शुरुआती 5 दिनों में सब तमाशा देखते रहे कि कब ऐसे गंभीर हालत बने? इसकी तैयारी 4-5 महीने पहले से क्यों नहीं शुरू की?

 

# NGT: आप पंजाब किसानों को मुफ्त बिजली देने की बात करते हैं अगर उनसे कहते है कि अगर फसल अवशेष जलाएंगे तो मुफ्त बिजली नहीं मिलेगी, तो शायद इसमें कमी आती पर आप ऐसा नहीं करेंगे…

# NGT: आपने क्या इश्तेहार दिया था कि फसल अवशेष न जलाएं

उत्तर प्रदेश से सवाल:

# NGT: आपके यहाँ कितनी फसल जलाई गयी!! यूपी सरकार ने कहा कि बहुत कम ही ऐसे उदहारण हैं पश्चिमी यूपी में.

# आपने imaging क्यों नही की!!

NGT: कोई मास्क भी एक क्षमता से ज़्यादा प्रदूषण नहीं सह सकता, उल्टा ज़्यादा प्रदूषण में तो हो सकता है कि मास्क नुकसान भी पहुंचाए

# NGT: आज हम फैसला देंगे ही आप सब बिना फैसला लिए यहाँ से वापस नहीं जाएंगे

# ये मामला ज़िन्दगी और मौत का है. आपने बच्चों को घर में क़ैद रहने पर मजबूर कर दिया.

# क्या आपने स्कूल बंद करने से पहले कोई स्टडी की कि क्या घर में रहने से बच्चे प्रदूषण से बच सकते हैं क्या!!


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