केजरीवाल का केंद्र पर निशाना, नोट बैन को बताया ‘घोटाला’


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नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के नोट बैन करने के फैसले को घोटाला करार दिया है। 500 और हजार रुपये के नोट बंद करने के सरकार के फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने अपने दोस्तों को नोटबंदी को लेकर पहले से ही आगाह कर दिया था।
सीएम केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि, ‘नोटबंदी के नाम पर देश में ‘बड़े घोटाले’ को अंजाम दिया गया है। सरकार ने कुछ लोगों को पहले ही आगाह कर दिया था। पिछले तीन महिनों के बैंकों में हजारों करोड़ रुपये जमा कराए गए। बैंक में जमा कराई गई इतनी बड़ी रकम से शक पैदा होता है।
केजरीवाल ने कहा, पिछली तिमाही से पहले बैंक जमा निगेटिव में था, उसमें कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई लेकिन फिर यह अचानक से बढ़ गया। ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसा कैसे हुआ? केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने जब मंगलवार को 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा की, उससे पहले ही केंद्र सरकार ने अपने कार्यकर्ताओं को बता दिया गया था और उन्होंने अपनी नकदी जमा करा दी।
आम आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल ने कहा, नोट बदलने और एटीएम से पैसे निकालने के लिए कौन लोग लाइन में लगे हैं?.. वो आम जनता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जान-बूझकर यह क्राइसिस पैदा की गई, जिससे लोग दौड़े-दौड़े सरकार के दलालों के पास भागें।
इसके साथ ही उन्होंने नोटबंदी के फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए कहा, ‘ये मोदी जी का सर्जिकल स्ट्राइक काले धन के ऊपर नहीं, आम जनता के बरसों से जोड़े हुए सेविंग्स पर स्ट्राइक्स है। ये जो अफरा-तफरी मची है, उससे किसी कालेधन का पता नहीं चलने वाला।

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