ए0टी0एस0 यूपी के लिए कामयाबी से भरा रहा 2016


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लखनऊ : प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाये रखने के उद्ेदश्य से आतंकवादी गतिविधियों के विरूद्व एटीएस उ0प्र0 की विभिन्न टीमों द्वारा वर्ष 2016 में बेहद सक्रिय भूमिका निभायी गयी जिसके फलस्वरूप प्रदेश में किसी भी स्थान पर न तो आतंकवादी वारदात हुई न ही किसी आतंकी संगठन को किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना करने में सफलता प्राप्त हुई। एटीएस उत्तर प्रदेश द्वारा न केवल इस वर्ष आतंकवादी गतिविधियों पर लगातार कड़ी नजर रख कर प्रदेश में अमन शान्ति ही कायम किया गया बल्कि आतंकवादी एवं नक्सली गतिविधियों सहित अन्य अपराधों में लिप्त 35 अपराधियों के विरूद्व कार्यवाही करते हुए उन्हें गिरफ्तार करने में भी कामयाबी भी हासिल की गयी।
  पुलिस महानिरीक्षक ए0टी0एस0 असीम अरूण ने ए.टी.एस. की वार्षिक उपलब्ध्यिों का उल्लेख करते हुए आज यहाॅ बताया कि माह जनवरी में सोशल मीडिया के माध्यम से युवा वर्ग को दिग्भ्रमित कर जाल में फांसने के लिए आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के सक्रिय होने के सम्बन्ध में लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में केन्द्रीय जांच इकाईयों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए 22 जनवरी 2016 को मो0 अलीम पुत्र सलीम निवासी सेक्टर-2, इन्दिरा नगर, लखनऊ को ए0टी0एस0 उत्तर प्रदेश एवं एन0आई0ए0 द्वारा एवं रिजवान पुत्र निजामुद्दीन अली नि0 सिसवा मठिया थाना कस्या, कुशीनगर ए0टी0एस0 उत्तर प्रदेश एवं जनपदीय पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया गया। पुलिस महानिरीक्षक एटीएस ने बताया कि 02 फरवरी 2016 को अब्दुल अजीज उर्फ अशरफी पुत्र मोहम्मद मेहताब अली निवासी हैदराबाद को लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि 1990 के दशक में अब्दुल अजीज बोस्निया की घटनाओं से प्रभावित होकर सऊदी अरब से बोस्निया चला गया था और कुछ समय बाद यह वापस भारत हैदराबाद में आकर इसने अपना फर्जी पासपोर्ट बनवाया, जिसमें यह हैदराबाद में गिरफ्तार हुआ था। जहाँ जमानत की शर्तों का उल्लंघन करके यह सऊदी अरब चला गया था। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में एक आतंकवादी प्रकरण में वहाँ गिरफ्तार हुआ तथा सजा पूरी करने के उपरान्त सऊदी अरब से हिन्दुस्तान वापस भेजा गया था, जिसे एयरपोर्ट पर विमान से उतरते ही ए0टी0एस0 उ0प्र0 की टीम ने इसको गिरफ्तार किया एवं सम्बन्धित मैजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कर इसका ट्रांजिट रिमाण्ड बनवाकर इसे तेलंगाना पुलिस अपने साथ हैदराबाद ले गई।
उन्होंने यह भी बताया कि आतंकवादी गतिविधियों में शामिल 5 फरवरी 2016 को हरदोई से यूपी एटीएस द्वारा एनआईए का सहयोग देकर आईएसआईएस से संबंध रखने वाले विषेष कोर्ट एनआईए से वांछित मुफ्ती अब्दुल सामी कासमी पुत्र गुलाम हुसैन निवासी ग्राम हरेता थाना अजीमनगर,रामपुर को भी गिरफ्तार कराया गया। 50 हजार रूपये का पुरस्कार घोषित एवं 17 मुदद्मों में वांछित अभि.दिलीप कुमार सिंह गिरफ्तार श्री अरूण ने बताया कि माह मार्च में ए0टी0एस0 उ0प्र0 को नेपाल, बिहार एवं मध्य प्रदेश के रास्ते अवैध शस्त्रों की सप्लाई के सम्बन्ध में सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं। इसी अनुक्रम में प्राप्त सूचना पर 05 मार्च 2016 को ए0टी0एस0 उ0प्र0 द्वारा जनपद अलीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त कार्यवाही में कर्मवीर सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह निवासी मोहल्ला कस्बा व थाना टप्पल, जनपद अलीगढ़ एवं कालीचरन पुत्र इतवारी निवासी ग्राम रोनेजा थाना रबुपुरा, जनपद गौतमबुद्ध़ नगर को 40 अदद पिस्टल (विभिन्न बोर मय मैग्जीन) व 19 अतिरिक्त मैगजीन, 04 अदद कारतूस 32 बोर सहित गिरफ्तार किया गया। उक्त दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना थाना बन्नादेवी, अलीगढ़ पर अभियोग पंजीकृत कराये गये। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस महानिदेशक, बिहार द्वारा 50 हजार रूपये का पुरस्कार घोषित अपराधी दिलीप कुमार सिंह पुत्र राजेष्वर प्रसाद सिंह निवासी ग्राम माहे थाना सिंधिया समस्तीपुर बिहार को 20 मई 2016 को ए0टी0एस0 उत्तर प्रदेश लखनऊ और बिहार एसटीएफ, पटना के संयुक्त आपरेशन में गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गयी । जो बिहार में 17 मुदद्मों में वांछित अपराधी था और करीब छः महीने से छिपकर लखनऊ में रह रहा था। इसकी गिरफ्तारी के लिए समस्तीपुर, बिहार कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी वारंट भी जारी किये गये थे ।
 महानिरीक्षक एटीएसअसीम अरूण ने बताया कि 25 मई 2016 कोे ए0टी0एस0 उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा चारबाग रेलवे स्टेशन के पास से भारतीय जाली नोटों का कारोबार करने वाले निजामुउ्दीन अंसारी पुत्र स्व0 हबीब अंसारी निवासी ग्राम बखरी पोस्ट लतिहनवा थाना आदापुर जनपद पूर्वी चम्पारन, बिहार को रू0 07,001500-00 (सात लाखपंद्रह सौ रूपये ) की जाली भारतीय मुद्रा के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त द्वारा पूछतांछ में बताया गया कि वह दिल्ली में किसी को सप्लाई देने वाला था। उन्होंने बताया कि एटीएस यूपी ने बिहार पुलिस की संयुक्त टीम के माध्यम से पूर्वी चम्पारन के थाना रमगढवा क्षेत्र से 04 अभियुक्तों चन्द्र प्रकाश शुक्ला, अजय उपाध्याय,अजय गुप्ता तथा अमरनाथ को गिरफ्तार कर उनके पास से 07 जून 2016 को भारतीय मुद्रा के 1486500रू (चैदह लाख छियासी हजार पांच सौ रूपये ) जाली नोट बरामद करने मे भी सफलता प्राप्त किया। उन्होने बताया कि जाली नोटों के प्रकरण में 31 मई को ए0टी0एस0 इकाई, वाराणसी द्वारा पानी टंकी तिराहा हुसैनाबाद थाना लाइन बाजार, जौनपुर से तारादेवी पत्नी सामराज निवासी हुसैनाबाद थाना लाइन बाजार, जनपद जौनपुर एवं बच्चन निषाद पुत्र जिलेदार निषाद निवासी हरकपुर थाना सिकरारा, जनपद जौनपुर को दो-दो लाख (कुल 04 लाख) की जाली भारतीय मुद्रा के गिरफ्तार किया गया। पूछताछ पर अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि वह जाली भारतीय मुद्रा को मालदा (पश्चिम बंगाल) से लाते थे। जैश से ताल्लुख रखने वाले शाकिर व आई.एस.आई. एजेन्ट जमालुददीन गिरफ्तार श्री अरूण ने बताया कि माह मई में यूपी एटीएस ने विशेष सेल दिल्ली को विशेष सहयोग देकर 04 मई 2016 को जैश-ए -मोहम्मद से ताल्लुख रखने वाले साकिर पुत्र सईद अहमद निवासी मौहल्ला अब्दुल हक कायस्थवाडा थाना देवबन्द सहारनपुर को गिरफ्तार कराने में सहयोग कराया।
उन्होंने बताया कि माह अगस्त में पाकिस्तानी खुफिया एजेन्सी आई0एस0आई0 द्वारा हिन्दुस्तान में पैसों का प्रलोभन देकर लोगों को जाल में फंसाये जाने के सम्बन्ध में ए0टी0एस0 उ0प्र0 को सूचना प्राप्त हो रही थी। पूर्व में ए0टी0एस0 उ0प्र0 द्वारा राजस्थान के पोखरन से आई0एस0आई0 एजेण्ट गोरधन सिंह को दिनांक 27 दिसम्बर 2015 को गिरफ्तार किया गया था तथा गोरधन सिंह के खाते में जो रूपए जमा हो रहे थे उसमें से एक श्रोत उ0प्र0 के इलाहाबाद भी था। इसी जांच के क्रम में 23.अगस्त 2016 को जमालुद्दीन पुत्र मैनुददीन निवासी करमहरी रसूलपुर नेवादा गाजीपुर को ए0टी0एस0उ0प्र0 की सूचना पर सी0आई0डी0 राजस्थान पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। इसके द्वारा इलाहाबाद स्थित अपने बैंक खाते से आई0एस0आई0 के लिए कार्य करने वाले लोगों को रूपया भेजा जाता था। इसकी आई0डी0 से वेस्टर्न यूनियन से करीब 6 बार में शरजाह यू0ए0ई0 से कुल 1,45,629 रूपये प्राप्त किये गये। जमालुददीन पूर्व में साउथ अफ्रीका जा चुका है उसके पाकिस्तान व यूके में काफी संपर्क रहे हैं। यूपी एटीएस द्वारा जमालुददीन के साथ संलिप्तता पाये जाने पर उसके भाई खुर्शीद को भी राजस्थान पुलिस से गिरफ्तार कराने में सहयोग किया गया।


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