
मायावती ने इस बार सादगी से बिना केक काटे अपना बर्थडे मनाया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में बसपा की सरकार बनने का भरोसा व्यक्त करते हुए पार्टी प्रमुख मायावती ने आज कहा कि नोटबंदी का फैसला केन्द्र की भाजपा सरकार की सोची समझी साजिश है और राजनीतिक स्वार्थ में लिये गये इस फैसले से देश का आम आदमी अभी तक उबर नहीं पाया है। वहीं बर्थडे पर मायावती ने कहा कि अखिलेश यादव के दागी चेहरे को सीएम चुनने का फैसला करने से पहले जनता सोचे। उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने अपने वादों का एक चैथाई भी कार्य नहीं पूरा किया। मोदी ने देश को धोखा दिया। मेरे संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा नाम की ब्लू बुक का 12वां एडिशन लॉन्च किया।
इस मौके पर बसपा प्रमुख मायावती ने बिना केक काटे बर्थडे मनाया और कार्यकर्ताओं से कहा कि मेरा जन्मदिन सादगी के साथ मनाएं। इस अवसर पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने 61वें जन्मदिन के मौके पर संवाददाता सम्मेलन में कहा, अपनी कमियों और विफलताओं से प्रदेश और देश की जनता का ध्यान बंटाने के लिए सोची समझी साजिश के तहत केन्द्र की मोदी सरकार ने राजनीतिक स्वार्थ में विधानसभा चुनाव घोषित होने से कुछ समय पहले 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी का फैसला किया। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में लिये गये इस फैसले से देश की जनता विशेषकर मध्यम वर्ग, छोटे उद्योग करने वाले अभी तक उबर नहीं पा रहा है। पचास दिन से ज्यादा बीत गये लेकिन अभी तक देश में हालात पहले की तरह सामान्य नहीं हुए। नोटबंदी से देश में डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है मगर मोदी को नहीं दिखायी दे रहा है। मायावती ने कहा, देश भर में ये भी आम चर्चा है कि नोटबंदी का ये फैसला लेने से पहले दस महीने में भाजपा व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी पार्टी और राष्ट्रीय नेताओं और चंद पूंजीपतियों एवं धन्नासेठों के काले धन को पूरे तौर से ठिकाने लगवा दिया था इसके बाद यह फैसला लिया।
उन्होंने कहा कि इस बात में काफी कुछ सच्चाई इसलिए भी नजर आ रही है क्योंकि गत वर्ष हमारी पार्टी व परिवार के कुछ सदस्यों द्वारा एक रूटीन में नियमों के तहत बैंक खाते में जमा धन को भी भाजपा व केन्द्र की सरकार ने सोची समझी राजनीतिक साजिश के तहत उसे मीडिया में ऐसे उजागर कराया जैसे कि ये हमारा धन काला धन है। मायावती ने कहा कि भाजपा और मोदी में थोड़ी सी भी ईमानदारी और सच्चाई है और वे खुद को पूरी तरह बेदाग और दूध के धुले समझते हैं तो नोटबंदी का फैसला लागू करने से पहले के दस महीने और आठ नवंबर के बाद का पार्टी नेताओं और पूंजीपतियों के बैंक खातों का ब्यौरा सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा, इन खातों में कितना धन जमा हुआ और किन किन कार्यों पर कितना खर्च किया गया है, उसका भी हिसाब किताब देशवासियों के सामने देना चाहिए। लेकिन वे भाजपा ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि इससे उनका असली चेहरा सामने आ जाएगा कि वे कितने बेदाग हैं। उन्होंने ऐसी स्थिति में भाजपा एंड कंपनी के लोगों को अपने विरोधियों और उनके रिश्तेदारों के पास खासकर उनके काम को लेकर कुछ भी आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रहा है लेकिन फिर भी ये लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ में नैतिकता को दरकिनार करते हुए मान मर्यादा की हदों को पार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश चुनाव में खासकर बसपा की मजबूत देखकर और उसे सत्ता में आने से रोकने के लिए बसपा कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के मकसद से भाजपा आये दिन कभी पार्टी तो कभी परिवार के लोगों पर आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा, मेरे परिवार के लोग जो भी छोटा मोटा कारोबार पिछले कई साल से कर रहे हैं और यदि केन्द्र सरकार को उनके कारोबार में कुछ गड़बड़ी नजर आ रही थी तो ये लोग अब तक के आधे शासनकाल में क्या कर रहे थे। चुनाव के नजदीक आते ही मेरे परिवार में गड़बड़ी नजर आयी अर्थात चुनाव के दौरान पार्टी और परिवार में सभी कमियां नजर आने लगी हैं। इस मौके पर बसपा अध्यक्ष मायावती न अपने संघषर्मय जीवन और बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा पुस्तक ब्लू बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी देश में गरीबी महंगाई खत्म करने की बात कही थी। कालाधन वापस लाने की बात भी हवा.हवाई बातें हैं। यूपी की 22 करोड़ जनता में बीजेपी के खिलाफ गुस्सा है। सरकार से बीजेपी नेताओं के सम्पति की जानकारी जरुर मंगनी चाहिए। बीजेपी के कालेधन को सफेद करने के लिए नोटबंदी लागू की गई। पार्टी की असलियत देश के सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि मोदी वादे के मुताबिक विदेश से कालेधन की जानकारी नहीं दे पाए। उन्होंने ये नहीं बताया कि नोटबंदी के बाद कितने भ्रष्ट लोग पकड़े गए और कितना देश में कालाधन मिला, किन लोगों पर कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि मोदी इस कार्य से जनता डरी है कि जानें कब कौन सी घोषणा कर मोदी नया कुछ बंद कर दें। लोगों का ध्यान बांटने के लिए नोटबंदी लागू की गई। मोदी ने जनता को धोखा दिया। सीमा पर पहले से अधिक जवान शहीद हुए हैं। बड़ी तादाद में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। केंद्र इस ओर कोई कदम नहीं उठा रहा है। उधर बड़े.बड़े उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर दिया।
मायावती ने कहा, भीम राव अम्बेडकर के नाम पर अक्सर बीजेपी ने गुमराह करने का काम किया। बाबा साहब का नाम इस्तेमाल करने से और स्मारक बनवाने की घोषणा से बीजेपी को लाभ नहीं होगा। बाबा साहब के अनुयायी बीजेपी के झांसे में नहीं आने वाले हैं। उन्होने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों की वजह से रोहित वेमुला कांड और गुजरात में दलित उत्पीडऩ और यूपी का दयाशंकर सिंह के मामले सामने आए। केंद्र ने आरक्षण को देखते हुए प्राइवेट सेक्टर को अधिक प्रोजेक्ट्स देने शुरू कर दिए हैं। आरक्षण का लाभ उचित लोगों को नहीं मिल पाया है और भाजपा इसके खिलाफ काम कर रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऑक्सीजन पर चल रही है। यूपी में तरह.तरह जनता को प्रलोभन दे रही है। आजादी के बाद अब तक कांग्रेस बस आरश्वासन देती रही है। यूपी में लगभग 37 सालों तक राज किया, कांग्रेस की बात जनता गंभीरता से नहीं ले रही। उन्होंने कहा कि केन्द्र और यूपी में भाजपा की सरकार पूर्ण बहुमत की रही तब उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि केन्द्र में अटल बिहारी वाजपेयी एवं यूपी में कल्याण सिंह की एक साथ सरकार रही तब उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश नहीं बना पाये तो मोदी अब क्या बना पायेंगे। उन्होंने कहा कि जनता ने तो उन्हें लोकसभा चुनाव में 73 सांसद दिये उल्टे यूपी का क्या विकास किया अब जनता से कहते फिर रहे है कि जब तक यूपी और केन्द्र में एक साथ भाजपा की सरकार नहीं होगी तब तक विकास नहीं हो सकता।
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