
यूपी सरकार की नई टीम,2019 की तैयारी का खाका तैयार
लखनऊ,। उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत पाने के बाद भी जब काफी संस्पेस और विभिन्न बड़े नामो की चर्चा के बाद जो कुछ तय हुआ उसका अन्दाजा मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री बनाए गए लोगों को भी नही था। लेकिन जिस तरह से मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री का नाम तय किया गया है। वह बसपा की सोशल इंजीनियरिंग से मिलता जुलता नया फर्मूला है। जो वर्ष 2019 को होने वाले लोक सभा के लिए ब्राम्हण, ठाकुर और पिछड़ा वर्ग कार्ड के रूप में बनाया गया। अब यह तय है कि योगी आदित्य नाथ, केशव प्रसाद मौर्या और डाॅ. दिनेश शर्मा के साथ लक्ष्मीकांत वाजपेयी और रीता बहुगुणा के लिए सीट छोडने वाले सुरेश तिवारी आगामी भाजपा एमएलसी चुने जाने तय है।
आज सुबह एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पर रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा का नाम उस समय तक चलता रहा जिस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री एवं उनके मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल थे। इसके पूर्व वे दिल्ली में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्या एवं योगी आदित्यनाथ से मिल कर अपनी पसंद बता चुके थे। इसके बाद दोपहर चार बजे भाजपा के केन्द्रीय मंत्री वैकैयानायडु, प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्या, प्रदेश प्रभारी ओम माथुर एवं योगी आदित्यनाथ, ने वीवीआईपी गेस्ट हाउस पर आधे घन्टे की बैठक् के बाद जब लोक भवन में पार्टी विधायको बैठक में पहुंचे वैसे ही योगी आदित्यनाथ का नाम मुख्यमंत्री गूंजने लगा। उधर विधायको के बीज जैसे ही संगठन मंत्री सुनील कुमार बंसल ने योगी आदित्यनाथ को सर्वसम्मति से योगी आदित्य नाथ को भाजपा दल का नेता घोषित किया वैसे ही मोबाईल योगी आदित्यनाथ का नाम आने लगा।
लगभग सात बजे जो तस्वीर सामने आई वह थी कि भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव एवं सभी संवर्ग का तालमेल बिठाते हुए ब्राम्हण बिरादरी से राजधानी के मेयर एवं बिलकुल सरल स्वभाव डा. दिनेश शर्मा को डिप्टी सीएम बनाकर ब्राम्हण बिरादरी को साधने का काम किया है। इसके बाद मुख्यमंत्री पद की दौड में दूसरी पायदान पर रहने वाले और प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बेहतर भूमिका निभाने वाले केशव प्रसाद मौर्या को डिप्टी सीएम चुनकर भाजपा ने पिछड़ा वर्ग को भी साध लिया है। इधर एक तस्वीर और जो अब तक सामने नही आई है वह यह कि अब मुस्लिम समुदाय को साथ में रखने के लिए अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के किसी वरिष्ठ सम्भवतः महिला पदाधिकारी को एमएलसी तथा केन्द्र में मंत्री के करीबी तथा पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष को भी एमएलसी के रूप में चुने जाने की पूरी सम्भवना है। अब हम देखते है कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में जीते 324विधायकों का जातीय समीकरण क्या है। वर्तमान 2017 के चुनाव में भाजपा ने 112 पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशी उतारे थे जिनमें से 91 प्रत्याशी विजयी हुए इस आधार पर पिछड़ा वर्ग से केशव प्रसाद मौर्या को भागीदारी देते हुए डिप्टी सीएम बनाया गया हैं। दूसरी तरफ ठाकुर बिरादरी से भाजपा ने 71 ठाकुरों को उतरा था और उनमें से 45 ठाकुर बिरादरी के विधायक चुने गए। इसी तरह ब्राम्हण बिरादरी से 72 प्रत्याशी उतारे गए और 61 प्रत्याशी जीत कर विधानसभा पहुंचे इस आधार पर जातीय समीकरण बनाते हुए भाजपा ने योगी आदित्यनाथ, डा. दिनेश शर्मा एवं केशव प्रसाद मौर्या के रूप में क्रमशः मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री का पद बाॅटा है।
अब यह कहा जा रहा है कि अन्य वर्गो को प्रतिनिधि उनके प्रतिनिधियों के आधार पर देने के लिए दलित संवर्ग से भाजपा ने 78 प्रत्याशी उतारे और इनमें से 71 जीते है ऐसे में कैबिनेट मंत्री के रूप में कम से कम दलित बिरादरी को छह कैबिनेट मंत्री के पद मिल सकते है।
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