
लखनऊ: राजधानी के चर्चित मामलों की विवेचना कर रही महिला अधिकारियों को हटा दिया गया है। विधानसभा चुनाव के दौरान गायत्री प्रसाद प्रजापति और डॉ. अयूब के मामलों ने खूब सुर्खियां बटोरने वाली और अब इन मामलों की जांच कर रही महिला अधिकारियों को भी हटाया गया है। जिसके बाद अब पुलिस अफसरों की नीयत पर ही सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ दर्ज रेप केस की जांच कर रही महिला डीएसपी आलमबाग अमिता सिंह को हटा दिया गया है। उनकी जगह आईपीएस अधिकारी डॉ. मीनाक्षी गुप्ता को आलमबाग का नया सीओ नियुक्त किया गया है। मीनाक्षी गुप्ता डॉ. अयूब के खिलाफ मंदियाओं में दर्ज केस का सुपरविज़न कर रही थीं। यही नहीं, डॉ. अयूब केस की जांच अधिकारी सीओ बख्शी का तालाब तनु उपाध्याय को भी हटाया गया है। उनकी जगह अमिता सिंह को बख्शी का तालाब सर्किल का नया डीएसपी बनाया गया है।
इन अफसरों के हटाए जाने के बाद पुलिस अफसरों की नीयत पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि अमिता सिंह, गायत्री प्रसाद प्रजापति मामले में जांच को पूरा कर रही थीं, जिस वजह से उन्हें हटाया गया है। अमिता सिंह की पहचान सख्त पुलिस अफसर के तौर पर रही है।
कुछ इसी तरह डॉ. अय्यूब मामले में सुपरविज़न अफसर डॉ. मीनाक्षी गुप्ता को भी हटाया गया है। मीनाक्षी गुप्ता ट्रेनी आईपीएस ऑफिसर हैं। वो डॉ. अय्यूब मामले की जांच तेज़ गति से आगे बढ़ाने की कोशिश में थीं। अब आरोप लग रहे हैं कि डॉ. अय्यूब को बचाने की कोशिश के चलते डॉ. मीनाक्षी गुप्ता का ट्रांसफर किया गया है।
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