निर्भया केस में चारों दोषियों की मौत की सजा बरकरार


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दिल्‍ली: निर्भया गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट के फांसी के फैसले को बरकरार रखा है। जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आर भानूमथी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने मामले में अपना फैसला सुनाया।
सुप्रीम कोर्ट के द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद कोर्ट रूप में बैठे सभी लोगों ने तालियां बजा कर फैसले का स्‍वागत किया। वहीं, मामले में चारों आरोपी पवन, विनय, मुकेश और अक्षय को फांसी की सजा दिए जाने पर निर्भया के माता-पिता ने इसे सत्‍य की जीत बताया है। निर्भया की मां ने कहा कि इंसाफ में देर है अंधेर नहीं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुशी मिली है। – 16 दिसंबर 2012 को 23 साल की पैरामेडिकल की छात्रा के साथ दिल्ली में गैंगरेप हुआ था – 13 दिन बाद इलाज के दौरान सिंगापुर में निर्भया की मौत हो गई थी। देशभर में गैंगरेप केस का जमकर विरोध हुआ था – सितंबर 2013 में 6 दोषियों के खिलाफ मौत की सजा सुनाई गई थी – मार्च 13, 2014 को मुकेश, पवन, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर ने दिल्ली हाई कोर्ट की मौत की सज़ा को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी थी – इसके बाद चारों दोषियों ने फांसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की – इनमें से एक दोषी राम सिंह ने तिहाड़ जेल के अंदर ही फांसी लगा ली थी – जबकि एक और दोषी नाबालिग होने के कारण अपनी तीन साल की सुधारगृह की सजा पूरी कर चुका है

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