
अधिवेशन के दौरान मंत्री को सौपा 21 सूत्रीय मांग पत्र
लखनऊ,। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लघु सिंचाई विभाग के 20वें महाधिवेशन के दौरान विश्वेश्रैया प्रेक्षागृह में लघु सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर्स को मुख्य अतिथि के रूप लघु सिंचाई, भूगर्भ जल, पशुधन एवं मत्स्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी समस्या का हल एक साथ बैठकर ही निकाला जा सकता है। मैं कभी कन्फयूज नही रहता। मंत्री न कहे और अधिकारी हाॅ कहे तो कोई समस्या ही नही रहेगी। उन्होंने डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ द्वारा दिये गए ज्ञापन के बारे में कहा कि इस सम्बंध में पहले मै और प्रमुख सचिव तथा विभागाध्यक्ष बाॅत कर ले फिर आपकी समस्याओं का निस्तारण होगा। उन्होंने इस दौरान जूनियर इंजीनियर्स से कहा कि अगले मंगलवार को उनके साथ एक घन्टे की बैठक कर समस्याओं का निराकरण का प्रयास किया जाएगा।
उन्होेंने इस दौरान कहा कि तोप का लाइसेंस मांगों तो पिस्टल मिल ही जाती हैं उन्होंने कहा कि अभी राज्य कर्मचारी परिश्श्श्षद के अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि पिछली सरकार की अपेक्षा इस सरकार में सरकारी सेवक दबाव कम महसूस कर रहे है। माफिया गिरी कम हुई है। बाॅत ठीक है जब सबकुछ और कोई तय करेगा तो काम में गुणवत्ता कहा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आजादी के लम्बे अरसे बाद किसी दल को इतना बड़ा बहुमत प्राप्त हुआ है जो राम लहर में भी प्राप्त नही हुआ। यह बहुमत व्यवस्था परिवर्तन के लिए मिला हैं।उन्होंने कहा कि अगर यूनियन नही होगी तो विधायिका एवं नौकरशाही तानाशाह हो जाएगी। उन्होंने इस दौरान गिरते भूजल स्तर को भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से भी भयानक बताते हुए इसे सुधारने का आहवान किया। उन्होने यह कहा कि निःशुल्क बोरिग या फिर पाॅच से सात हजार के अनुदान की जगह वे चाहते है कि व्यवस्था टोटल फ्री बोरिंग की होनी चाहिए। इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि पिछली सरकार की अपेक्षा राजकीय सेवा एवं खास तौर से इंजीनियर्स संवर्ग में माफियागिरी का दबाव कम हुआ है। उन्होंने कहा कि हम पुरानी पेंशन को लेकर संघर्ष कर रहे है। भारत के गृह मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री हमारी पुरानी पेंशन के पक्षधर है ऐसे में हमें उनकी सहायता मिलनी चाहिए।
इससे पूर्व श्री बघेल ने दीप प्रज्जवलित कर विधिवत से रूप से महाधिवेशन का उद्घाटन किया। इस दौरान लघु सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता इं. पी.आर.चैरसिया, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष श्री हरिकिशोर तिवारी, संरक्षक महेश मणि त्रिपाठी, आर.पी. मिश्रा, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंध के अध्यक्ष इं. एस.के. पाण्डेय, महासचिव इं. सुधीर पवाॅर, इं. एस.पी. गुप्ता, इं. दिवाकर गौतम, इं. दिवाकर राय, इं. बी.के. कुशवाहा, इं. ओ.पी. राय सहित कई अतिथि मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. सुभाष श्रीवास्तव एवं संचालन इं. उदयभान मल्ल ने किया।
इस दौरान विभागीय मंत्री को 21 सूत्रीय मांग पत्र देते हुए इं. सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि उनके संवर्ग की मुख्य मांगों में शासन स्तर पर अभियंत्रण संवर्ग तथा संगठनात्मक ढाॅचे का पुनर्गठन,गुणवत्ता परक पारदर्शी जबावदेह कार्य संस्कृति का विकास, तालाब पुनर्विकास एवं प्रबंधन, निःशुल्क बोरिंग अनुदान की सीमा प्राक्कलन के अनुरूप की जाय। इसके अलावा सेवा सम्बंधी प्रकरण में समय से चरित्र पंजियों की कार्यवाही न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।लोक निर्माण विभाग की तरह लघु सिचिाई विभाग के दैनिक वेतन भोगीध् नियत वेतन जूनियर इंजीनियर्स का विनियमितीकरण किया जाए। जूनियर इंजीनियर्स की प्रोन्नति, जूनियर इंजीनियर्स को 4800 ग्रेड पे दिया जाए। जेई संवर्ग को 7,14 और 20 वर्ष की सेवा में पदोन्नति ऐसा न करने पर तीन प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिया जाएं 30 लीटर पेट्रोल या फिर इसके मूल्य के बराबर वाहन भत्ता दिया जाए। जूनियर इंजीनियर्स तथा सहायक अभियंताओं को मोबाईल सुविधा, नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए।
अधिशासी अभियंता तथा अन्य उच्च पदों पर प्रोन्नत संवर्ग का प्रतिभाग निर्धारित कर अग्रिम प्रोन्नति का अवसर प्रदान किया जाए। तदर्थ सेवाओं की गणना पेंशन व ग्रेच्युटी बिना उत्पीड़न प्रदान की जाए। मनमाने ढ़ग से निलम्बन को रोका जाए। गैर विभागीय कार्यो से जूनियर इंजीनियर्स को मुक्त रखा जाए। 30 जून को सेवा निवृत्त कार्मिकों को वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए। डिप्लोमा में प्रवेश की न्यूनतम योग्यता इण्टरमीडियट एवं स्थायीकरण ज्येष्ठता निर्धारण व विनियमितीकरण किया जाए।
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