
नयी दिल्ली : आधार कार्ड की अनिवार्यता के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला दिया है कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है, वो पैन कार्ड के साथ ही आयकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं. कोर्ट ने साथ ही कहा कि जिनके पास आधार कार्ड है उनको पैन से आधार को लिंक करना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जिनके पास आधार कार्ड नहीं है उनको इस बात के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा कि वो पैन से आधार को लिंक करें.
अपने इस बहुप्रतीक्षित फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन लोगों के पास पैन कार्ड और आधार कार्ड दोनों हैं, उन्हें अपना आयकर रिटर्न भरते हुए यह बात बतानी होगी. वहीं जिनके पास आधार कार्ड नहीं है, और पैन कार्ड है उनका पैन भी मान्य माना जायेगा. और वे लोग भी अपना आयकर रिटर्न भर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को आधार कार्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे आधार के डाटा लीक ना हो सकें. वहीं सरकार को पैन कार्ड के डुप्लीकेशन को रोकने के लिए भी काम करना चाहिए.
गौरतलब है कि इससे पहले की सुनवाई में केंद्र सरकार ने आधार कार्ड के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से कहा कि भारत के नागरिक आधार कार्ड हेतु लिये जाने वाले शारीरिक सैंपल के लिए मना नहीं कर सकते हैं, नागरिक अपने शरीर पर इस मुद्दे पर कोई अधिकार नहीं जता सकते हैं. मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि अपने शरीर पर पूर्ण अधिकार होना एक भ्रम है, ऐसे कई नियम हैं जो इस पर पाबंदी लगाते हैं.
कोर्ट ने साथ ही इनकम टैक्स की धारा 139 (एए) को भी वैध ठहराया है. लेकिन इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि जिनके पास पैन है लेकिन आधार नहीं है तो वैसे पैन को सरकार खारिज नहीं कर सकती है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दाखिल याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. पैन कार्ड के लिए आधार को अनिवार्य किये जाने के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में आधार को स्वैच्छिक रखने को कहा था लेकिन सरकार उस आदेश को थोड़ा कम करने में लगी है.
https://rashtriyadinmaan.com
