
लखनऊ : दिल्ली के पांच सितारा होटल मौर्या शेरटन में पीएम मोदी के ताकतवर मंत्री से यूपी के आईएएस अफसर नवनीत सहगल की मुलाकात कराने वाले दलाल की जांच अब पीएमओ कार्यालय ने देश की सबसे बड़ी ख़ुफ़िया एजेंसी IB को सौंप दी है. जिसके चलते IB की लखनऊ शाखा अब आईएएस अफसर नवनीत सहगल के सबसे करीबी दलाल साथी रोहित सहाय के काले कारनामों की जांच करेगी. बताया जाता है कि सहगल और मोदी के मंत्री की हाथ मिलते हुए फोटो को पीएमओ कार्यालय ने बड़ी गंभीरता से लिया है.
सूत्रों के मुताबिक IB की लखनऊ शाखा ने रोहित सहाय की जांच शुरू कर दी है. चंद सालों से दिल्ली में रहने वाला सहगल का यह दलाल मूलरूप से वाराणसी का रहने वाला है, लेकिन साल 2000 में रोहित रिलायंस कंपनी में बतौर मैनेजर का काम करता था, लेकिन कुछ दिनों बाद जब उसकी नौकरी छूट गयी तो वह लखनऊ से दिल्ली की एक रियल एस्टेट कंपनी में लाइजनिंग का कार्य देखने लगा. चंद सालों में ही उसने दिल्ली में रहकर अपना नेटवर्क सत्ता के गलियारे से लेकर बड़े – बड़े अधिकारियों तक बना लिया. जब रोहित का नेटवर्क सीबीआई और ईडी के कई बड़े अफसरों से हो गया तो उसने दिल्ली के रियल एस्टेट कंपनी की नौकरी छोड़ दी. इसके बाद रोहित ने सीबीआई और ईडी की दलाली करनी शुरू कर दी. बताया जाता है कि कुछ सालों में ही ईडी और सीबीआई की दलाली से इसने बेशुमार दौलत कमाई. अब तो रोहित के दिल्ली में भी दो बंगले पॉश एरिया में हैं.
फिलहाल रोहित अब दिल्ली का बड़ा दलाल ही नहीं बल्कि बड़ा आदमी भी बन चुका है. सूत्रों के मुताबिक रोहित से नवनीत सहगल के संबंध मायावती के कार्यकाल में और भी प्रगाढ़ उस समय हो गए. जब NRHM घोटाले की जांच में सीबीआई के चंगुल में वह फंस गए. सूत्रों के मुताबिक इस जांच में सीबीआई ने बड़े-बड़े दिग्गजों पर अपना शिकंजा कसना शुरू किया तो सहगल के भी हाथपांव फूल गए. यही नहीं सीबीआई को जांच में सहगल के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद भी उनका कोई बालबांका इसलिए नहीं कर सका कि रोहित ने सहगल की सेटिंग सीबीआई में कराकर सब मैनेज कर दिया. इसलिए दे लेके सहगल बच गए. जबकि इस मामले में बसपा सरकार के सबसे ताकतवर मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा आज भी जेल की सलाखों के पीछे से निकल नहीं सके हैं.
सूत्रों के मुताबिक NRHM घोटाले की जांच के दौरान जब सीबीआई ने आईएएस अफसर प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार किया और उन्हें जेल भेजा गया तो उनकी आईएएस पत्नी आराधना शुक्ला ने सीबीआई पर ये आरोप भी लगाए और शिकायत भी की थी की सहगल के खिलाफ सबूत मिलने के बाद भी सीबीआई ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की. बावजूद इसके कुछ नहीं हुआ. फिलहाल इस बार जब आगरा एक्सप्रेस वे और अन्य कार्यों की जांच सीएम योगी ने सीबीआई को सौंपी है तो फिर से रोहित के जरिये सहगल अपनी काली करतूतों से सीबीआई से बचने का रास्ता खोज रहे हैं. लेकिन पीएम मोदी के संज्ञान में मामला आ जाने के बाद और भी गंभीर हो गया है. जिसके चलते सहगल को बचाने वाले दलाल रोहित के खिलाफ पीएमओ कार्यालय ने IB को जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं.
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