
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के मुस्लिमों में बेचैनी और असुरक्षा की भावना वाले बयान पर शिवसेना ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आज कहा कि यदि ऐसा था तो उन्होंने पहले पद से इस्तीफा क्यों नहीं दिया।
अंसारी का उपराष्ट्रपति के रूप मेें कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है। वह दो बार इस पद के लिए निर्वाचित हुये और 10 वर्ष तक उप राष्ट्रपति रहे। नवनिर्वाचित उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू कल पद की शपथ लेंगे।
अंसारी ने राज्यसभा टेलीविजन को दिये साक्षात्कार में कहा, मुस्लिमों में बेचैनी का अहसास और असुरक्षा की भावना घर कर रही है। भारतीय मूल्य, संस्थायें कमजोर हो रही हैं। किसी की भारतीयता पर सवाल उठाना बेहद परेशान करने वाला है। राष्ट्रवाद साबित करने की जरूरत बार-बार नहीं होनी चाहिये। मैं एक भारतीय हूं यही काफी है।
केंद्र सरकार में शामिल शिव सेना के सांसद संजय राउत ने कहा कि यदि अंसारी को मुस्लिमों में बेचैनी और असुरक्षा की भावना नजर आयी है तो इसको लेकर उन्होंने पहले ही उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा क्यों नहीं दे दिया। अब
जब उनका इस पद से कार्यकाल खत्म हो रहा है तब इस तरीके के बयान दे रहे हैं। उन्हें पहले ही इस्तीफा देकर जनता के बीच जाना चाहिये था। उनका कथन मुसलमानों की अन्तरआत्मा की आवाज नहीं है।
राउत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय ने भारतीय जनता पार्टी को वोट दिया। वह इस तरह की बात करके मुसलमानों के मन में भ्रम पैदा नहीं करें। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने भी अंसारी की बयान पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा है कि मुसलमानों के लिये पूरे विश्व में भारत से अच्छा कोई देश नहीं है और न ही हिन्दुओं से बेहतर कोई दोस्त।
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