
लखनऊ। पिछले चैदह दिनों से राजधानी के लक्ष्मण मेला मैदान में नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने सहित 09 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्राम रोजगार सेवक प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर वह कई बार भूख हड़ताल, प्रदर्शन, विधान भवन का घेराव, अर्धनग्न प्रदर्शन से लेकर जहर तक खा चुके हैं लेकिन सरकार ने उनकी बात नहीं मानी। इसी कारण प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये हजारों की संख्या में ग्राम रोजगार सोमवार दोपहर विधानसभा का घेराव करने जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक रोका तो वह उग्र हो गए। प्रदर्शनकारी जब पुलिस से भिड़ गए तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इसके विरोध में ग्रामरोजगार सेवकों ने पुलिसबल पर पथराव कर दिया। अचानक कुछ सेकेंड में ही वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने भी ग्रामरोजगार सेवकों पर खूब ईंट पत्थर बरसाए। इस दौरान पुलिस ने हालात को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। लाठीचार्ज से भगदड़ मच गई। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली।
हालांकि इस दौरान उधर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। जिसे घंटो की मशक्कत के बाद सही किया जा सका। ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के सदस्य प्रांतीय संचालन समिति कमलेश कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों से आये ग्राम रोजगार सेवक पिछली 12 सितंबर से लक्ष्मण मेला मैदान में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार प्रदर्शन करने के बाद भी सरकार ग्राम रोजगार सेवकों की अनदेखी कर सौतेला व्यवहार कर रही है। बार-बार झूठे आश्वासन देकर रोजगार सेवको के साथ छल किया गया। रोजगार सेवक अपने हक के लिए सरकार के आर-पार का संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने खा कि मांगों के लिए प्रदर्शनकारियों ने कई बार अर्द्धनग्न प्रदर्शन, सड़क जाम, भूख हड़ताल, प्रदर्शन, विधान भवन का घेराव से लेकर जहर तक खाया कई बार पुलिस ने लाठियां तक बरसाईं लेकिन सभी अपने हक के लिए लड़ते रहे। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई न होने से ग्राम रोजगार सेवक विधानसभा का घेराव करने जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे तभी पुलिस ने लाठीचार्ज कर सबको खदेड़ दिया।
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