
राहुल गांधी ने गांधी नगर में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यहां पिछले 22 सालों से गुजरात की जनता की सरकार नहीं, बस 5-6 उद्योगपतियों की सरकार चल रही है। आगे उन्होंने कहा कि अल्पेश जी आपने यहां लोगों से शांत रहने को कहा, लेकिन ये युवा मोदी सरकार से तंग हैं, ये शांत नहीं रह सकते है।
उन्होंने कहा कि मोदी जी आप गुजरात में चाहे जितना पैसा लगा दो, लेकिन इनकी आवाज को आप खरीद नहीं सकते, दबा नहीं सकते हैं। बड़े कारोबारियों के करोड़ों रुपये के कर्ज माफ कर दिए, लेकिन किसानों का कर्ज माफ नहीं करते हैं।
राहुल ने रैली में किसानों की बात करते हुए कहा कि देश में गरीबों का नहीं, सिर्फ अमीरों का कर्जा माफ कर रही है सरकार। सरकार ने किसानों की आवाज नहीं सुनी। वो 35 हजार करोड़ रुपया का पैसा कहा गया कोई बताएगा।
राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया फेल हो गया लेकिन जय शाह की कंपनी रॉकेट तरह सफल रहा।अमित शाह के बेटे पर मोदी जी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। साथ ही उन्होंने जीएसटी के मुद्दे पर भी बात की।
जीएसटी को लेकर उन्होंने कहा कि जीएसटी कांग्रेस सरकार की सोच है। जीएसटी को देश पर जबरन थोपा गया। उन्होंने जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स बताया और कहा कि जीएसटी को सरल और आसान बनाना होगा। देश की भलाई के लिए बहुत जरूरी है।
वहीं दूसरी तरफ मीडिया रिपोर्ट के मुताबित, पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और राहुल गांधी के बीच मुलाकात हो सकती है। राहुल गांधी का ये दौरान हार्दिक पटेल को कांग्रेस में शामिल करने के रुप में महत्वपूर्ण समझा जा रहा है।
बीते दिन हार्दिक पटेल ने एक इंटरव्यू के दौरान साफ कहा कि मैं राहुल गांधी से मुलाकात नहीं करुंगा। पटेल ने कहा कि वे सोमवार को राहुल गांधी से मुलाकात नहीं करेंगे। हार्दिक पटेल के अलावा गुजरात के दलित नेता जिग्नेश मेवानी को भी राहुल गांधी से मुलाकात करने का ऑफर दिया गया था।
राहुल गांधीनगर में कांग्रेस की ओर से आयोजित नवसर्जन गुजरात जनादेश रैली में हिस्सा लेंगे जिसमें ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर कांग्रेस पार्टी में औपचारिक तौर पर शामिल होंगे।
2015 में पाटीदार समुदाय की आरक्षण की मांग के साथ इसकी आवाज बनकर उभरे हार्दिक पटेल के उलट अल्पेश ठाकुर की राजनीति रही है। वह ओबीसी कोटे में पटेल समुदाय को शामिल करने की मांग के धुर विरोधी माने जाते हैं।
अगर वर्ग समाज के देखा जाए तो कांग्रेस इस बार पटेल समुदाय और ओबीसी वर्ग को अपने पक्ष में करने के लिए इन दमदार नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए ऑफर दे रही है। ऐसा इस लिए भी है कि कई दशकों से कांग्रेस गुजरात में हारी है और बीजेपी की जीत हुई है।
ऐसे में अब इन कद्दावर नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर, कांग्रेस पटेल कार्ड खेलना चाहती है। ताकि जातीय आधार पर गुजरात में वोट बट जाएं और कांग्रेस इस बार एक बार जीत का पचम लहरा सके। इसके लिए कांग्रेस ने पाटीदार आंदोलन समिति के हार्दिक पटेल और अन्य नेताओं को आमंत्रित किया है।
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