लखनऊ |
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि केन्द्र और राज्य सरकार की नीतियों से जनता बुरी तरह से त्रस्त है। निकाय चुनाव के नतीजों के जरिए से उसको दूरगामी राजनीतिक संदेश मिल सकता है।
श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण जनता में घोर आक्रोश है। व्यापारी समाज अब भाजपा से खासतौर पर नाराज है। नोटबंदी के बाद जीएसटी ने उनके कारोबार को तबाह कर दिया है। भाजपा ने किसानों को धोखा भी दिया है। भ्रष्टाचार की रोकथाम की जगह उसका बोलबाला है। अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। बेरोजगारी के कारण अपराध बढ़ रहे हंै। भाजपा सरकार से समाज का हर वर्ग निराश है। भाजपाईयों को तथ्यहीन बातें करने में दक्षता हासिल हैं लेकिन अब वह सच पर पर्दा डालने में सफल नहीं होंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार के काम हमेशा बोलते रहेंगे। समाजवादी सरकार में सबके साथ न्याय किया गया। 55 लाख गरीब महिलाओं को 500 रूपए महीने समाजवादी पेंशन मिल रही थी। भाजपा सरकार ने उसे बंद कर दिया है। समाजवादी सरकार में अपराध पर नियंत्रण के लिए 1090 वूमेन पावर लाइन और यूपी डायल 100 नं0 पुलिस सेवा की शुरूआत की गई थी। घायलों और प्रसूताओं के इलाज के लिए 108 और 102 एम्बूलेंस सेवा प्रारम्भ की गई थी। जनहित की इन तमाम योजनाओं को समाप्त कर दिया गया।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे एक जानदार सड़क है जिस पर लड़ाकू जहाज भी उतारे जा चुके है। इस पर राज्य को गर्व होता है। यह सड़क समाजवादी सरकार के विकास में मील का पत्थर है। गोमती रिवरफ्रंट और जनेश्वर मिश्र पार्क जैसे बेमिसाल स्थल भी समाजवादी सरकार ने बनाए। भाजपा इन विकास कार्यों का रखरखाव भी नहीं कर पा रही है। वस्तुतः भाजपा का एजेण्डा विकास नही है। वह तो समाज को बांटकर अपना चुनावी राजनीति करना चाहती है।
श्री यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार के काम जनकल्याण के रहेे हैं। समाजवादी सरकार संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि जनता के सब्र का बांध भाजपा के विकास विरोधी रवैये से टूट रहा है। भाजपा का जनविरोधी एजेण्डा अस्तित्वहीन होने में अब देर नहीं होगी।
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