
मुख्यमंत्री ने तृतीय उत्तरी क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति की
बैठक के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित किया
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बेहतर पुलिस प्रशासन के लिए पुलिसबलों के बीच समन्वय आवश्यक है। पुसिलबलों के परस्पर समन्वय से काम करने पर अपराधों पर नियंत्रण के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में भी अच्छे परिणाम सामने आएंगे। केन्द्रीय पुलिसबलों और राज्य पुलिसबलों के मिलकर प्रयास करने से आतंकवाद और अलगाववाद से निपटना आसान हो जाएगा।
मुख्यमंत्री आज यहां तृतीय उत्तरी क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति की बैठक के उद्घाटन सत्र में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। बैठक में उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखण्ड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली सहित सी0आई0एस0एफ0, बी0एस0एफ0, एन0आई0ए0, सी0आर0पी0एफ0, एन0एस0जी0, एन0सी0आर0बी0, सी0बी0आई0, आई0बी0, एन0डी0आर0एफ0, आई0टी0बी0पी0 आदि केन्द्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं।
समन्वय बैठक को सराहनीय बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आबादी काफी अधिक है। यहां सामाजिक और भौगोलिक विविधता है। विभिन्न राज्यों की सीमाओं के साथ ही नेपाल देश की सीमा भी प्रदेश से जुड़ी हुई है। इस कारण यहां की पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की बड़ी चुनौतियां हैं, साथ ही साधन भी सीमित हैं। उन्होंने कहा कि प्रायः ऐसी ही चुनौतियां अन्य राज्यों के साथ भी हैं। ऐसे में बेहतर समन्वय तंत्र की आवश्यकता लगातार महसूस की जाती है। संसाधनों के अभाव के बावजूद आधुनिक तकनीक को अपनाकर अपराध और अपराधियों के विरुद्ध अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
योगी ने कहा कि राज्य सरकार का अनुभव है कि प्रदेश में संगठित अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई होने पर उन्हें पड़ोसी राज्यों अथवा नेपाल में संरक्षण प्राप्त हो जाता है। यदि एक प्रभावशाली तंत्र बनाकर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाए तो संगठित अपराधों के साथ-साथ महिलाओं के प्रति अपराध, आतंकवाद, नक्सलवाद आदि के विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समन्वय बैठक पुलिसबलों को पारस्परिक विचारों के आदान-प्रदान अवसर प्रदान करने के साथ ही उनको अपने अनुभवों और सक्सेज स्टोरीज को शेयर करने का मंच भी प्रदान कर रही है, जो पुलिसबलों को अपने यहां विभिन्न घटनाओं और मामलों से निपटने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि अधिकतर अपराधों की पृष्ठभूमि में भूमि सम्बन्धी मामले होते हैं। एण्टी भू-माफिया टास्क फोर्स के माध्यम से राज्य सरकार ने ऐसे डेढ लाख से भी अधिक मामले चिन्हित किए हैं, जिससे अपराध नियंत्रण में सहायता मिली है।
योगी ने कहा कि पुलिसबलों को आम जनता का विश्वास प्राप्त करने के लिए काम करने की आवश्यकता है। पब्लिक फ्रेण्डली पुलिस के लिए जनसामान्य प्रभावी इंटेलीजेन्स का काम कर सकता है। ऐसी अनेक घटनाएं प्रकाश में आती हैं जब पुलिस सूचना देने वाले को ही प्रताड़ित करती है। इससे जनता के साथ विश्वनीयता का संवाद बाधित होता है। पुलिस और आमजन में बेहतर संवाद से अपराधों पर नियंत्रण में सहायता मिल सकती है।
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ञातव्य है कि देश की सुरक्षा और संरक्षा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2015 में पुलिसबलों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करने हेतु पांच क्षेत्रीय समितियांे के गठन का सुझाव दिया था। उत्तर प्रदेश अन्य सात राज्यों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, जम्मू और कश्मीर, हरियाणा, केन्द्र शासित प्रदेश चण्डीगढ़ तथा दिल्ली राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश के साथ उत्तर क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति का सदस्य है। इस बैठक से पूर्व इस समिति की दिल्ली और शिमला में बैठकें हो चुकी हैं।
कार्यक्रम के अन्त में पुलिस महानिदेशक श्री सुलखान सिंह ने मुख्यमंत्री जी को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इस अवसर पर सी0आई0एस0एफ0 के डी0जी0 श्री ओ0पी0 सिंह, जम्मू कश्मीर के डी0जी0पी0 श्री एस0पी0 वैद, उत्तर प्रदेश के डी0जी0 (तकनीकी सेवाएं) श्री महेन्द्र मोदी, उत्तराखण्ड के ए0डी0जी0 श्री आर0एस0 मीना सहित विभिन्न राज्यों एवं केन्द्रीय पुलिसबलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
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