
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा के विधानमंडल का पहला शीतकालीन सत्र आज पहले दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। विधान परिषद में बिजली के बिल में भारी बढ़ोतरी का समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी ने जोरदार विरोध किया। इसके बाद विधानसभा में भी इसके विरोध के कारण कार्यवाही आज तक के लिए स्थगित कर दी गई। उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र 22 दिसंबर तक चलेगा। इसमें अनुपूरक बजट के अलावा यूपीकोका जैसे विधेयक भी पारित होंगे।
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के आज से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के पहले दिन का पहला सत्र ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। इसके कारण विधान परिषद का पहला सत्र स्थगित कर दिया। इसके बाद विधानसभा में भी काफी शोरशराबा होने लगा। दिन में 12 बजे के बाद विधान परिषद की कार्यवाही एक बार फिर से शुरू तो हो गई लेकिन हंगामा लगातार बढ़ता देख सभापति ने विधान परिषद की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया है।
विपक्ष के हंगामे और 15 मिनट के स्थगन के बाद विधानसभा की कार्यवाही को दोबारा शुरू किया गया था। जिसके बाद योगी सरकार ने सदन में विधेयकों को पेश किया। योगी सरकार ने हंगामे के बीच विधानसभा के पटल पर दो विधेयक रखे। जिनमें से एक विधेयक प्रयागराज मेला प्राधिकरण अध्यादेश और सहकारी समिति संशोधन अध्यादेश को पटल पर रखा गया।
विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने बिजली की दरों को बढ़ाने के लिए जोरदार हंगामा किया। इनके साथ ही बहुजन समाज पार्टी के भी नेता हंगामा करने लगे। बिजली की बढ़ी दरों को लेकर विपक्ष का परिषद में जमकर हंगामा हुआ। सपा सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की।
इसके बाद प्रदेश के उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता अपनी गलती छुपाने के लिए सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। हमने बिजली की दरें जरूर बढ़ाई हैं, लेकिन गांव और शहरों में निबार्ध बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
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