
नई दिल्ली। गुजरात चुनाव के लिए मतदान हो चुके हैं। इसके परिणाम की घोषणा 18 दिसंबर को होगी। इसके चलते गुजरात कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है कि 18 दिसंबर को ईवीएम में पड़ने वाले वोट का मिलान वीवीपीएटी पर्चियों से किया जाए। इस पर कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की है। बता दें कि एग्जिट पोल्स में गुजरात में बीजेपी की जीत दिखाई जा रही है। इसी को देखते हुए पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका जताई।
उन्होंने कहा था कि एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत इसलिए दिखाई जा रही है ताकि रिजल्ट आने के बाद कोई ईवीएम के नतीजों पर सवाल ना उठा सके। ईवीएम पर सवाल खड़ा होने का ये पहला मौका नहीं है। इससे पहले यूपी चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद भी ये मुद्दा उठा था। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत ने इस मुद्दे को काफी गर्मा दिया था।
इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए इस बार फिर से मशीन पर सवाल खड़े किए गए है। ईवीएम को लेकर उठ रहे सवालों के मद्देनजर ही गुजरात में चुनाव में इस्तेमाल की गईं सभी EVMs को VVPAT मशीनों से जोड़ा गया था। इस मशीन के जरिए मतदाता को यह सुनिश्चित करवाया जाता है कि उसने EVM पर जिस प्रत्याशी को वोट दिया है, वास्तव में वोट उसी को गया है। इसमें जरिए ये पता चलता है कि मशीन के डिस्प्ले उसी प्रत्याशी के नाम की पर्ची नजर आती है और फिर वह पर्ची मशीन में रह जाती है। गड़बड़ी की आशंका में इन पर्चियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
https://rashtriyadinmaan.com
