
उल्लेखनीय है कि आधार जारी करने वाले भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के एक उपनिदेशक की शिकायत पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि उक्त समाचार प्रकाशित करने वाले अखबार का कहना है कि वह खोजी पत्रकारिता के अपनी आजादी का बचाव करेगा।
प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर आलोचकों के निशाने पर आने के बाद प्राधिकरण ने कहा कि वह प्रेस की आजादी समेत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करता है। प्राधिकार के अनुसार उसकी पुलिस शिकायत को संवाददाता को रोकने की कोशिश की तरह नहीं देखना चाहिए।
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी प्राथमिकी वापस किये जाने को लेकर सरकार से दखल की मांग की और कहा कि मामले की निस्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
प्रसाद के अनुसार: ‘मैंने यूआईडीएआई को सुझाव दिया है कि वह ट्रिब्यून व इसकी पत्रकार से पुलिस को हर संभव मदद का आग्रह करे ताकि वास्तविक दोषियों का पता लगाया जा सके।’
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