प्रदेश के समस्त राजमार्गों को दो लेन चैड़ीकरण के प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराना अनिवार्य: मुख्य सचिव


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मुख्य सचिव द्वारा लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा
लखनऊ:   प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश के समस्त तहसील एवं ब्लाक मुख्यालयों को दो लेन मार्ग जोड़ने हेतु कार्य योजना में तेजी लाते हुये अवशेष सभी 26 तहसील मुख्यालयों को दिसम्बर, 2018 तक दो लेन चैड़े मार्ग से जोड़े जाने का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करा लिये जायें। उन्होंने कहा कि समस्त ब्लाक मुख्यालयों को दो लेन चैड़े मार्ग से जोड़े जाने की योजनान्तर्गत अवशेष 160 ब्लाक मुख्यालयों के सापेक्ष प्रथम चरण में 81 ग्राम ब्लाक मुख्यालयों को दिसम्बर, 2018 तक 79 ब्लाक मुख्यालयों को मार्च, 2019 तक निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ जोड़ने का कार्य प्राथमिकता पर सुनिश्चित कराया जाये।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि 250 से अधिक आबादी वाले राजस्व ग्रामों को सम्पर्क मार्गों से जोड़ने हेतु स्वीकृत 1557 ग्रामों का कार्य दिसम्बर, 2018 तक पूर्ण करा दिया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि इण्टर स्टेट कनेक्टिविटी योजनान्तर्गत मार्च, 2019 तक समस्त 54 इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी योजनान्तर्गत चिन्हित मार्गों को केन्द्रीय मार्ग निधि के अन्तर्गत स्वीकृत कार्य प्राथमिकता पर सुनिश्चित करा लिये जायें।
श्री राजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश के समस्त राजमार्गों को कम से कम दो लेन चैड़ीकरण के प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता से सुनिश्चित कराने की कार्यवाही निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार पूर्ण करायी जाये। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कार्य योजना के अन्तर्गत 96 किलोमीटर लम्बाई के 12 मार्गों को आगामी जून, 2019 तक निर्धारित लागत 237 करोड़ रुपये की धनराशि में पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने जिला मुख्यालयों को चार लेन से जोड़े जाने हेतु कार्यों की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि अवशेष निर्माणाधीन मार्गों का कार्य मार्च, 2019 तक अवश्य पूर्ण करा लिया जाये।
मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग के अधीन 2 लाख 25 हजार किलोमीटर मार्गों का लागू अनुरक्षण नीति के अनुसार प्रस्तावित गड्ढामुक्त रखे जाने की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि योजनान्तर्गत अवशेष निर्माणाधीन अतिरिक्त मार्गों को गड्ढामुक्त रखे जाने हेतु अनुरक्षण की अस्थाई गैंग व्यवस्था पुनः स्थापित कराये जाने हेतु परीक्षण कर प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाये। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के अन्तर्गत न्यूनतम निर्धारित समय में दाग/पैच की मरम्मत सुनिश्चित करायी जायेगी। उन्होंने निर्माणाधीन एवं नये स्वीकृत 215 लघु क्षेत्र के सापेक्ष लगभग 100 सेतुओं तथा निर्माणाधीन 275 दीर्घ सेतुओं के सापेक्ष 50 दीर्घ सेतुओं एवं 82 स्वीकृत निर्माणाधीन आर0ओ0बी0 के सापेक्ष 42 आर0ओ0बी0 का निर्माण भी दिसम्बर, 2018 तक पूर्ण कराने के निर्देश दिये।
अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि महत्वपूर्ण राज्य राजमार्गों के बेहतर अनुरक्षण के उद्देश्य से ओ0एम0टी0 माॅडल को अंगीकृत कराये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता पर सुनिश्चित करायी जा रही है। उन्होंने बताया कि अधिकांश कार्यकलापों को आॅनलाइन प्रणाली पर लाने के लिये आधुनिक पोर्टल प्रथम तिमाही लाॅच करा दिया जायेगा।

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