
बीसीसीआई ने इससे पहले हसीन जहां के आरोपों के मद्देनजर शमी का अनुबंध रोके रखने का फैसला किया था। शमी पर उनकी पत्नी ने व्यभिचार और घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी। शमी ने सभी आरोपों का खंडन किया था। प्रशासकों की समिति( सीओए) ने विशेष तौर पर एसीयू के अपने प्रमुख नीरज कुमार से इन आरोपों की जांच करने के लिये कहा था कि इस गेंदबाज ने पाकिस्तानी महिला अलिश्बा के जरिये किसी मोहम्मद भाई से पैसे लिये थे।
सीओए ने कहा, ” माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति( सीओए) ने दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त और बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के प्रमुख नीरज कुमार से मोहम्मद शमी के खिलाफ लगाये गये आरोपों की जांच करने के लिये कहा था क्योंकि वे बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक संहिता से संबंधित हैं। इसमें कहा गया, ” नीरज कुमार ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट सीओए को सौंप दी है। रिपोर्ट के निष्कर्ष के आधार पर सीओए का मानना है कि इस मामले में बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक संहिता के तहत आगे किसी तरह की कार्रवाई की जरूरत नहीं है।
बीसीसीआई द्वारा क्लीन चिट मिलने और सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल होने के बाद शमी के खुशी जाहिर की। फैसले के बाद शमी ने कहा, ‘ मुझे बीसीसीआई पर भरोसा था, बीसीसीआई ने इंसाफ दिया है।’ इसके साथ ही शमी ने कहा कि मैंने देश के लिए खेला और देश के लिए खेलूंगा, पहले से अधिक दम लगाकर खेलूंगा।
बता दें कि शमी की पत्नी हसीन जहां ने उन पर मैच फिक्सिंग का भी आरोप लगाया था, जिससे आज जांच एजेंसी ने इनकार कर दिया। शमी ने कहा, ‘हसीन के आरोप झूठे थे, वह अपने मकसद में नाकाम रही। वह चाहती थी कि मैं टीम इंडिया के लिए नहीं खेलूं। इसमें उसको असफलता हाथ लगी है।’ इसके अलावा शमी ने कहा कि मुझे पिछले कुछ दिनों से लग रहा था कि कुछ हो न जाए, अल्लाह का शुक्रिया, सब ठीक रहा।
गौरतलब है कि पत्नी हसीन जहां के गंभीर आरोपों में घिरे मोहम्मद शमी ने बीसीसीआई के सामने जांच जल्द कराने के लिए गुहार लगाई थी। शमी ने कहा था कि बीसीसीआई उन पर लगे आरोपों की जल्द से जल्द जांच कराए ताकि वह आईपीएल के लिए प्रैक्टिस कर सकें। ये बात उन्होंने एक प्राइवेट चैनल को दिए इंटरव्यू में कही थी।
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