
lucknow । नवीन सब्जी मंडी में दो साल से नई दुकानों का आवंटन नहीं हो सका। मंडी समिति ने दो बार दुकानों की नीलामी की गई। लेकिन दो दुकानों की बिक्री हो सकी। अभी 45 दुकानें खाली पड़ी हैं। गाज़ियाबाद साहिबाबाद नवीन सब्जी मंडी में मंडी समिति ने दो साल पहले 47 दुकानों का निर्माण किया था। ये दुकानें मंडी में व्यापारियों के लिए बनाई गईं थीं। लेकिन दो साल बाद भी दुकानें खाली हैं। इस वजह से दुकानों की हालत भी खस्ता होने लगी है।
साहिबाबाद मंडी समिति ने दो से तीन बार दुकानों के लिए नीलामी की। इसमें 40 लाख रुपये से नीलामी की शुरुआत की थी। लेकिन दुकानों की कीमत ज्यादा होने से दो दुकानों की बिक्री हो सकी। व्यापरियों ने बताया कि मंडी समिति ने दुकानों का दाम ज्यादा रखा है। ये दुकानें व्यापारी के बजट से बाहर हैं। इस वजह से व्यापारी दुकानों को नहीं खरीद पा रहे हैं। नवीन सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञानचंद यादव ने बताया कि मंडी परिसर में नई दुकानों नियम के विपरीत बनी हैं। यहां पर दुकानों के सामने ट्रक खड़ा करने की जगह तक नहीं है। वहीं दुकानों को अनुमानित लागत से ज्यादा की नीलामी की जा रही है। इसलिए व्यापारी दुकानों को खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
मंडी समिति अप्रैल से आरसीसी का निर्माण कार्य शुरू होगा। मंडी में 800 लाइसेंस बने हैं व्यापारी मन्नू कुरैशी ने बताया कि नवीन सब्जी मंडी में करीब 800 व्यापारियों के लाइसेंस जारी किए हैं। मंडी समिति को ओर नए लाईसेंस जारी नहीं किए जाए। यहां पर व्यापरियों के लिए बैठने की जगत तक नहीं है। इसलिए पहले दुकानों का आवंटन किया जाए। इसके बाद लाईसेंस जारी किए जाए।
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