जनपद देवरिया में मेडिकल काॅलेज स्थापित किया जाएगा—– मुख्यमंत्री योगी


Press (10)
मुख्यमंत्री ने जनपद देवरिया के गौरी बाजार 
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया
 
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा है कि समृद्ध राष्ट्र के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य आवश्यक है। इसके दृष्टिगत जे0ई0/ए0ई0एस0 सहित संचारी रोगों के उन्मूलन के लिए विशेष पखवाड़ा चलाया जा रहा है। सभी की भागीदारी से जनान्दोलन चलाकर दिमागी बुखार की बीमारी का उन्मूलन सम्भव है। उन्हांेने कहा कि जनपद देवरिया की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए मेडिकल काॅलेज स्थापित किया जाएगा। देश और प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ एवं समृद्ध बनाए जाने में सभी के सहयोग का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी को मिल-जुलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री  आज जनपद देवरिया के लवकनी ग्राम में ‘स्कूल चलो अभियान’ एवं ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े’ तथा ‘दस्तक’ अभियान के शुभारम्भ के उपरान्त आयोजित जनसभा में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों एवं महापुरुषांे का सम्मान करती है। लोकतंत्र में संवाद के द्वारा अपनी समस्याओं को रखने का सभी का अधिकार है इसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं है। कानून को हाथ में लेने, कानून के लिये चुनौती, अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं होगी। निर्दोष लोगों को पीड़ित करना, सरकारी सम्पत्तियों को क्षति पहुंचाना मंजूर नहीं होगा। ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटा जायेगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री  ने प्राथमिक स्कूल के बच्चों को यूनिफार्म, बैग, किसानों को सोलर पम्प हेतु स्वीकृति पत्र तथा बीज किट, राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गठित तीन समूहों को वाहन की चाभी प्रदान की तथा खेल प्रतियोगिताओं में पदक विजेता छात्रों को सम्मानित भी किया। उन्हांेने दिमागी बुखार (जे0ई0/ए0ई0एस0) के नियंत्रण हेतु पखवाड़ा के तहत लवकनी ग्राम के प्राथमिक विद्यालय के परिसर में टीकाकरण कार्य का भी शुभारम्भ किया।
योगी  ने कहा कि दिमागी बुखार (जे0ई0/ए0ई0एस0) बीमारी का निदान उपचार से अधिक बचाव में है। इसका पूर्ण रूप से उन्मूलन बचाव से ही सम्भव है। इसके दो वायरस चिन्हित किये गये है जिसमें से एक मच्छर द्वारा उत्पन्न होता है। बचाव के तहत साफ-सफाई अपनाना तथा शौचालय का प्रयोग करना आदि छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस बीमारी पर नियंत्रण के लिए शुद्ध पेयजल का उपयोग किया जाना चाहिए। इसके लिए घर-घर में शुद्ध पेयजल पहंुचाने की तैयारी है। इण्डिया मार्का हैण्डपम्प का पानी ही प्रयोग करना चाहिये। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों को खराब हैण्डपम्पों की मरम्मत/रिबोर का कार्य ग्राम पंचायत निधि से कराने का अधिकार दिया गया है, जिससे सभी को शुद्ध जल मिल सके। उन्हांेने कहा कि इन सभी मानको को अपनाने के बावजूद भी यदि बीमारी रह जाती है तो उसके लिये चिकित्सीय व्यवस्था की जा रही है। सभी बच्चों का टीकाकरण किया जायेगा। पी0एच0सी0 एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला चिकित्सालय में इसके इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, जनपद प्रभारी/बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती अनुपमा जायसवाल, मत्स्य राज्यमंत्री श्री जय प्रकाश निषाद, सांसद श्री रविन्द्र कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने जनपद के गौरी बाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों को वार्ड में जाकर देखा व दवा, इलाज के बारे में उनसे जानकारी ली। इस दौरान उन्हांेने संचालित विशेष जागरूकता अभियान ‘दस्तक’ के तहत बच्चांे सहित सारथी वाहनों को झण्डी दिखाकर रवाना किया। सारथी वैन को बच्चों के साथ रवाना के दौरान उन्होंने बच्चांे से टीकाकरण के संबंध में पूछा। उन्हांेने निर्देशित किया कि जिन बच्चांे का टीकाकरण न हुआ हो उन्हंे टीका लगाया जाये। कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिये। मुख्यमंत्री  ने इस बीमारी के प्रति जन जागरुकता हेतु आयी नुक्कड़ नाटक टीम की नाटिका का अवलोकन कर उन्हें क्षेत्र में प्रचार-प्रसार हेतु रवाना किया।
मुख्यमंत्री  ने सामुदायिक केन्द्र पर बने गम्बूजिया संवर्धन केन्द्र का भी अवलोकन किया। उन्हांेने निर्देश दिए कि गम्बूजिया मछलियांे को सभी तालाबांे में डाला जाये, जिससे मच्छर के लार्वा उत्पन्न न हो सके और इस बीमारी को नियंत्रण किया जा सके।
मुख्यमंत्री  ने लवकनी ग्राम के मलिन बस्ती का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हांेने प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय आदि के निर्माण कार्य व गुणवत्ता को देखा। लाभार्थियांे से बातचीत की और उनकी समस्याओं को भी जाना। उन्हांेने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं से कोई भी पात्र वंचित न रहे इसलिये पूरी पारदर्शिता से कार्य करते हुए योजनाआंे का लाभ सभी पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जाए।

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