
लखनऊ । लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी के सिंह के स्टाफ अफसर अधीक्षक अभियंता पी के कटियार से आज कल पूरा पीडब्ल्यूडी विभाग परेशान हैं । ट्रांसफर , पोस्टिंग में वह मनचाहा रवैया अपनाया रहा हैं और खुलेआम भष्टाचार कर रहा हैं जिससे अभियंतागण बुरी तरह से पीड़ित हैं । योगी राज में कटियार के इस रवैए से पूरा विभाग अचंभित हैं ।
प्रमुख अभियंता के स्टाफ अफसर पी के कटियार काफी समय से लखनऊ में ही तैनात हैं । बसपा की सरकार जब यूपी में थी तब पी के कटियार, अधिशासी अभियंता थे तब भी अपने मनचाहे ठेकेदारों को ठेका दे कर कमीशन ले कर इन्होंने तमाम अनियमितताएं की थी । जिनकी शिकायत तक शासन में हुई थी ।
वर्ष 2012, में जब प्र्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो यह प्रोननत पा कर अधीक्षण अभियंता बन गये । इनकी तैनाती राष्ट्रीय राजमार्ग सकिल, कानपुर में तैनाती की गई पर यह वहां ना जा कर कुछ सेटिंग कर लखनऊ मुख्यालय से ही सकिल आंफिस का काम करते रहे ।
वर्ष 2017, में भाजपा की सरकार बनते ही यह स्टाफ अफसर के साथ ही साथ डिप्टी सीएम केशव मौर्य के नोडल अधिकारी बन , डबल चार्ज का काम देखा जा रहा है ।
सूत्रों का कहना है कि अभियंताओं की पोस्टिंग इनके द्वारा ही देखी जा रही है । अचछी और खराब तैनाती का इन्होंने रेट बना रखा है , जिसके लिए यह खुले आम वसूली कर रहे हैं । कई अभियंता जिनकी किसी कारण से तैनाती नहीं हो सकी है उनके तैनाती के प्रस्ताव तक इनके द्वारा बिना सुविधा शुल्क के नहीं बनाये जा रहा है ।
भाजपा सरकार और सीएम योगी ने खुली घोषणा कर रखी है कि उनकी सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है , अगर कहीं से भष्टाचार की शिकायत आती है तो दोषी को बक्शा नहीं जाएगा पर उसके बाद भी पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता वी के सिंह का स्टाफ अफसर अधीक्षण अभियंता पी के कटियार जीरो टॉलरेंस नीति को मुंह चिढ़ा रहा है । दिलचस्प बात तो यह है कि प्रमुख अभियंता वी के सिंह की कटियार के मामले में चुप्पी साधे हैं जो कुछ दूसरा ही संदेश दे रही है ।
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