
lucknow | उत्तर प्रदेश में ओबीसी आरक्षण में बड़ा बदलाव होगा। इसके लिए योगी सरकार ने चार सदस्यीय उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति का गठन किया है। मिशन 2019 के मद्देनजर बीजेपी सरकार प्रदेश में जातीय समीकरणों को बदल देना चाहती है। बीजेपी का कहना है कि अति पिछड़ी जातियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए ओबीसी के भीतर एक और वर्ग बनाकर इन जातियों को आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए। योगी सरकार ने ओबीसी आरक्षण में बदलाव करने के लिए उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति का गठन किया गया है, जो दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौपेंगी।
यह समिति बदली हुई परिस्थितियों में जातियों की वर्तमान स्थिति का आकलन कर आरक्षण व्यवस्था में पिछड़े वर्ग की तमाम जातियों की भागीदारी पर रिपोर्ट तैयार करेगी। चार सदस्यीय समिति में रिटायर्ड जज राघवेंद्र कुमार, रिटायर्ड आईएएस जेपी विश्वकर्मा, अर्थशास्त्री भूपेंद्र विक्रम सिंह और एडवोकेट अशोक राजभर को शामिल किया गया है।
योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर भी ओबीसी आरक्षण के भीतर आरक्षण की मांग को लेकर योगी सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं। इस सन्दर्भ में गत दिनों राजभर ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और सीएम योगी से मुलाकात कर उन्हें एक फार्मूला भी दिया था।
उल्लेखनीय है कि बीजेपी प्रांरभ से ही ओबीसी आरक्षण में बंटवारे की पक्षधर रही है। राजनाथ सिंह सरकार के दौरान भी इस तरका का प्रयास हुआ था। दर-असल इस मुद्दे के सहारे बीजेपी राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। अगर वह अपने प्रयासों में सफल हो गई तो भर, राजभर, निषाद, नाई, कुम्हार जैसी तमाम जातियां उसके साथ आ जाएंगी। कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का कहना है कि हम आरक्षण की ऐसी व्यवस्था को लागू करना चाहते हैं, जिसके तहत सभी जातियों को आरक्षण का उचित लाभ मिले।
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