
lucknow |बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने गृरुवार को तीन कद्दावर नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया है। तीनों नेता सीतापुर के हैं और उनपर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप है। निकाले गए नेताओं मे पूर्व सांसद कैसरजहां, पूर्व कैबिनेट मंत्री रामहेत भारती और पूर्व विधायक जासमीर अंसारी शामिल हैं। मायावती के इस कदम से बीएसपी के कई नेताओं को अपनी बारी आने की चिंता सताने लगी है|
बीएसपी से निकाले गए नेताओं में रामहेत भारती पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे हैं। इनके अलावा वह हरगांव विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं। इसी तरह कैसरजहां वर्ष 2009 में पहली बार बीएसपी के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं। उनके पति जासमीर अंसारी वर्ष 2007 में लहरपुर सीट से विधायक चुने गए थे। इस सीट से वे दो बार विधायक और बीएसपी सरकार में मंत्री भी रहे। अंसारी ने अपने सियासी सफर की शुरुआत नगर पालिका चुनाव से की थी। वर्तमान में वे नगर पालिका चेयरमैन है।
उल्लेखनीय है कि बीएसपी सुप्रीमों अपने सख्त मिजाज के लिए जानी जाती हैं। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं को वो कभी नहीं बख्सतीै इस बात की कई बार तस्दीक भी हो चुकी है। यूपी के पिछले विधानसभा चुनाव के ठीक पहले उन्होंने बीएसपी के कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाने वाले आधा दर्जन नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया था। मायावती द्वारा पार्टी के तीन बड़े नेताओं के खिलाफ की गई कार्यवाही के बाद बीएसपी के कुछ अन्य नेताओं को भी खुद के निकाले जाने का भय सताने लगा है।
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