
मुख्यमंत्री ने विदेशों में तैनात भारतीय हेड आॅफ मिशन्स से भंेट की
खाद्यान्न, गेहूं, गन्ना, आलू तथा दुग्ध उत्पादन में
उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यहां पर पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। इसके तहत धार्मिक, ईको और हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सकता है। राज्य सरकार ने एम.एस.एम.ई. सेक्टर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना को लागू किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों का कम से कम अपना एक विशिष्ट उत्पाद है। राज्य सरकार इस योजना के तहत इन उत्पादों की ब्राण्डिंग करते हुए इन्हें बढ़ावा देगी, जिससे इनसे जुड़े लोगों की आय बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने यह विचार आज यहां शास्त्री भवन में विदेशों में तैनात भारत के हेड आॅफ मिशन्स (राजदूतों/उच्चायुक्तों) से भेंट के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राज्य की ओर विदेशी पूंजी निवेश आकर्षित करने में विदेशों में तैनात भारतीय राजदूत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राज्य में व्यापार एवं निवेश हेतु सुदृढ़ आधार मौजूद है। प्रदेश सरकार के सकारात्मक कदमों तथा अनुकूल नीतियों के फलस्वरूप सक्षम एवं निवेशोन्मुखी वातावरण सृजित हुआ है। प्रदेश में लगभग समस्त क्षेत्रों में लाभप्रद निवेश के अवसर उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूंजी निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने सत्ता सम्भालते ही प्रदेश में सकारात्मक वातावरण बनाने की दिशा में काम करना शुरू किया।
कानून-व्यवस्था पर ध्यान देते हुए अन्य कदम भी उठाए गये, जिससे उद्यमियों को प्रदेश की ओर आकर्षित किया जा सके। राज्य सरकार द्वारा विगत फरवरी माह में यू0पी0 इन्वेस्टर्स समिट-2018 का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 4.68 लाख करोड़ रुपये के एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किए गये। अगले वर्ष ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ का भी आयोजन प्रस्तावित है। साथ ही, जनवरी 2019 में वाराणसी में ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ का भी आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने सभी राजदूतों से इस आयोजन में भाग लेने के लिए अनिवासी भारतीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष जनवरी में प्रयाग कुम्भ-2019 का आयोजन भी किया जा रहा है, इसमें लगभग 12 करोड़ लोगों का आगमन सम्भावित है। कुम्भ में आने वाले पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टिगत ‘टेण्ट सिटी’ की स्थापना की जा रही है। उन्हांेने सभी राजदूतों से उनके तैनाती वाले देशों में मौजूद भारतीयों तथा पर्यटन के इच्छुक अन्य लोगों तक कुम्भ-2019 के आयोजन की सूचना पहुंचाने का अनुरोध किया, ताकि उन्हें इस विराट समागम की जानकारी मिल सके और वे भी कुम्भ में भाग ले सकें। राज्य सरकार कुम्भ-2019 का विश्वस्तर पर प्रचार-प्रसार करने की इच्छुक है।
इस अवसर पर उज्बेकिस्तान में तैनात भारतीय राजदूत श्री विनोद कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उज्बेकिस्तान तथा उत्तर प्रदेश के बीच पर्यटन के क्षेत्र में कार्य किया जा सकता है। इसके अलावा, फार्मा, हेल्थकेयर, वेलनेस क्षेत्रांे में भी सहयोग की सम्भावनाओं को तलाशा जा सकता है। उन्होंने उज्बेकिस्तान में उत्तर प्रदेश की ब्राण्डिंग का सुझाव भी दिया।
मालदीव में भारतीय उच्चायुक्त श्री अखिलेश मिश्रा ने कहा कि मालदीव तथा उत्तर प्रदेश के बीच पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने सामाजिक तथा आर्थिक विकास पर भी फोकस करने का आश्वासन दिया।
ओमान में तैनात भारतीय राजदूत श्री इन्द्रमणि पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश से ओमान के लिए एग्रो एक्सपोर्ट पर काम करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ओमान से उत्तर प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की अच्छी सम्भावनाएं मौजूद हैं। इस पर प्रयास करने से अच्छे परिणाम मिलंेगे। उन्होंने प्रदेश से कुशल युवाओं के लिए ओमान में मौजूद सम्भावनाओं के विषय में भी जानकारी दी।
ईरान में तैनात भारतीय राजदूत श्री सौरभ कुमार ने बताया कि बड़ी संख्या में ईरान के शिया मतावलम्बी उत्तर प्रदेश में मौजूद अपने धार्मिक स्थलों पर आते हैं। ऐसे में उनकी सुविधा के लिए दिल्ली, लखनऊ, आगरा का एक टूरिज्म ट्रायन्गिल निर्मित करने से प्रदेश के पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, प्रदेश से चावल, आम, कारपेट, चमड़े के उत्पादों के निर्यात की अच्छी सम्भावनाएं मौजूद हैं।
ब्रुनेई में भारतीय उच्चायुक्त सुश्री नगमा एम. मलिक ने बताया कि ब्रुनेई से उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया जा सकता है। साथ ही, वस्त्र, आम, हैण्डीक्राफ्ट तथा कई अन्य उत्पादों का निर्यात उत्तर प्रदेश से ब्रुनेई किया जा सकता है। उन्होंने ब्रुनेई में आम महोत्सव आयोजित करने का भी सुझाव दिया।
इथोपिया में तैनात श्री अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि इथोपिया में उत्तर प्रदेश में मौजूद अच्छे चिकित्सा संस्थानों का प्रचार-प्रसार करने से बड़े पैमाने पर राज्य को मेडिकल टूरिज्म मिल सकता है। इसके अलावा, योग तथा आयुष में भी उत्तर प्रदेश के लिए अच्छी सम्भावनाएं मौजूद हंै।
बोत्स्वाना में तैनात भारतीय उच्चायुक्त डाॅ0 राजेश रंजन ने कहा कि बोत्स्वाना में उत्तर प्रदेश के लिए मेडिकल टूरिज्म तथा आम निर्यात की अच्छी सम्भावनाएं मौजूद हैं। साथ ही, प्रदेश के अच्छे शिक्षण संस्थानों की ओर बोत्स्वाना के छात्रों को आकर्षित किया जा सकता है।
इस अवसर पर अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय ने सभी राजदूतों/उच्चायुक्तों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके तैनाती के देशों में उत्तर प्रदेश की ब्राण्डिंग की जाएगी, ताकि लोगों तक यहां मौजूद उद्योगों, संस्थानों, कृषि उत्पादों इत्यादि के विषय में जानकारी दी जा सके।
मुख्यमंत्री द्वारा सभी राजदूतों/उच्चायुक्तों को शाॅल तथा कुम्भ के ‘लोगो’ की अनुकृति भेंट की गई। इस अवसर पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस.पी. गोयल, सचिव मुख्यमंत्री श्री मृत्युंजय कुमार नारायन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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