
राष्ट्रपति ने 4095 लाभार्थियों के मध्य 1006.94 करोड़ रु0 का ओ0डी0ओ0पी0 ऋण वितरित किया
मुख्य सचिव, एन0एस0ई0 तथा बी0एस0ई0 के
प्रतिनिधियों के बीच एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान हुआ
लखनऊ | भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्द ने आज यहां इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ समिट का उद्घाटन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा ‘वर्कफोर्स’ मौजूद है। यहां पर अनेक उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान भी उपलब्ध हैं। कृषि उत्पादन मंे इस प्रदेश का प्रभावशाली रिकॉर्ड है। यहां हस्त कौशल की प्रसिद्ध परंपरा है। इस प्रदेश में ताज महल और सारनाथ जैसे पर्यटन के विश्व प्रसिद्ध केंद्र मौजूद हैं। साथ ही, उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, घाघरा, गंडक, गोमती, राप्ती और सोन नदियों की मौजूदगी किसी आशीर्वाद की तरह है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क भी उत्तर प्रदेश में ही है। उन्होंने कहा कि ऐसी अन्य कई विशेषताएँ हैं, जिनके बल पर यह राज्य एक ‘ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ यानि दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को निकट भविष्य में प्राप्त कर सकता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश के कुल हस्तशिल्प निर्यात में उत्तर प्रदेश का योगदान लगभग 44 प्रतिशत है। हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग, इंजिनियरिंग गुड्स, कालीन, रेडीमेड कपड़े, लेदर गुड्स में लगे उद्योगों से विदेशी मुद्रा और रोजगार दोनों ही दृष्टियों से लाभ होता है। इस प्रकार उत्तर प्रदेश के विकास में एम0एस0एम0ई0 उद्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पूरे देश में एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र के लिए प्रभावी ईको-सिस्टम विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ओ.डी.ओ.पी.) योजना भी छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक एम0एस0एम0ई0 उद्यमों के लिए सहायक परिस्थितियाँ उत्पन्न करेगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि राज्य के शिल्पकारों का हुनर बहुत ही प्रभावशाली है। ओ.डी.ओ.पी. योजना से स्थानीय कौशल और कलाओं का संवर्धन होगा, तथा उत्पादों की पहुँच बढ़ेगी। इससे उत्तर प्रदेश के हर जनपद में शिल्पकारों की आर्थिक प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना द्वारा पाँच वर्षों में 25 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के जरिए 25 लाख लोगों को रोजगार दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस योजना से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ-ही-साथ, राज्य के समग्र और संतुलित विकास को बल मिलेगा।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने कहा कि राष्ट्रपति जी के मार्गदर्शन से उत्तर प्रदेश में लागू की जा रही ओ0डी0ओ0पी0 योजना को प्रभावी बनाने की प्रेरणा मिलेगी। यद्यपि उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है, तथापि यहां के प्रत्येक जनपद में असीमित सम्भावनाएं मौजूद हैं। इनका दोहन करने के लिए प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ओ0डी0ओ0पी0 योजना लागू कर एक नया प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आबादी की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। राज्य में 18 मण्डल और 75 जनपद हैं। सत्ता में आने के बाद से राज्य सरकार प्रदेश से युवाओं के पलायन को रोकने की दिशा में कार्य कर रही है। ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ समिट प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा निरन्तर किए जा रहे प्रयासों की अभिनव कड़ी है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद का कोई न कोई विशिष्ट उत्पाद है। यह पारम्परिक उत्पाद उस जिले की पहचान भी हैं और स्थानीय जनता के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इन उत्पादांे को बढ़ावा देकर प्रत्येक जनपद के अर्थिक विकास को गति दी जा सकती है और नौजवानों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर भी। इसे ध्यान में रखकर ही प्रदेश सरकार ने ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के क्रियान्वयन का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के सभी 75 जनपदों के ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना से जुड़े उद्यमियों को व्यवसाय प्रारम्भ करने के लिए भारत सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न रोजगारपरक तथा स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं के समन्वय से, वित्त पोषण के लिए 1006 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण उपलब्ध कराये जा रहे हैं। उन्होंने ऋण प्राप्त करने वाले सभी लाभार्थी उद्यमियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए समिट के अवसर पर 500 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का प्रारम्भिक लक्ष्य रखा गया था। परन्तु जनपदांे की सक्रियता और बैंकों की सहभागिता के परिणामस्वरूप यह धनराशि बढ़कर 1006 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण है, जब किसी भी प्रदेश में एक ही दिन लघु उद्योगों के लिए 1006 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण एक साथ किया गया है।
कार्यक्रम को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री श्री सत्यदेव पचैरी ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के हेल्पलाइन नम्बर तथा वेबसाइट का शुभारम्भ किया। उन्होंने बटन दबाकर ओ0डी0ओ0पी0 योजना के 4095 लाभार्थियों के मध्य 1006.94 करोड़ रुपए का ऋण भी वितरित किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव तथा नेशनल स्टाॅक एक्सचेंज (एन0एस0ई0) तथा बाॅम्बे स्टाॅक एक्सचेंज (बी0एस0ई0) के प्रतिनिधियों के बीच एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान भी हुआ। कार्यक्रम में राज्य सरकार तथा अमेजन, क्यू0सी0आई0 तथा जी0ई0 हेल्थ केयर के बीच एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित कर उनका आदान-प्रदान भी किया गया।
राष्ट्रपति ने लाभार्थियों को टूल किट तथा ओ0डी0ओ0पी0 ऋण चेक भी वितरित किए। राज्यपाल श्री राम नाईक जी ने ओ0डी0ओ0पी0 काॅफी टेबल बुक का विमोचन किया और इसकी एक प्रति राष्ट्रपति जी को भेंट की। इससे पूर्व, राष्ट्रपति जी ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने ओ0डी0ओ0पी0 समिट में विभिन्न जनपदों के विशिष्ट उत्पादों को दर्शाने के लिए आयोजित एक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री जी ने राष्ट्रपति जी को शाॅल तथा स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।
अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य सचिव डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि ओ0डी0ओ0पी0 योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप रोजगार के अवसर बड़े पैमाने पर सृजित हों और युवाओं को काम मिल सके।
https://rashtriyadinmaan.com
